बंगाल में भाजपा सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार, स्वपन दासगुप्ता समेत 35 मंत्रियों ने ली शपथ

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार हुआ। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार में 35 नए मंत्रियों ने शपथ ली। स्वपन दासगुप्ता, अशोक डिंडा और कई नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिली।;

Update: 2026-06-01 06:09 GMT

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद सोमवार को पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में 35 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। राज्यपाल आर.एन. रवि ने राज्य सचिवालय नबन्ना में आयोजित समारोह में सभी मंत्रियों को सामूहिक रूप से पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार को नई सरकार की प्रशासनिक रणनीति और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नबन्ना में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

राज्य सचिवालय नबन्ना में सुबह 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में नए मंत्रियों ने शपथ ली। समारोह में सरकार के वरिष्ठ नेताओं, अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। भाजपा सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर था जब मंत्रिमंडल का व्यापक विस्तार किया गया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से कैबिनेट विस्तार की जानकारी साझा की थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में नए मंत्रियों के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।

इन नेताओं को मिली मंत्रिमंडल में जगह

नए मंत्रिमंडल में कई अनुभवी नेताओं और नए चेहरों को स्थान दिया गया है। शपथ लेने वालों में स्वपन दासगुप्ता, अशोक डिंडा, मनोज ओरांव, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, मालती रॉय, इंद्रनील खान, गौरीशंकर घोष, कल्याण चक्रवर्ती, राजेश महतो, अर्जुन सिंह और तापस राय प्रमुख नाम रहे।

इसके अलावा जोएल मुर्मू, हरे कृष्णा बेरा, दीपक बर्मन, शंकर घोष और सारद्वत मुखर्जी समेत कई अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पार्टी नेतृत्व ने क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों का चयन किया है।

पहली बार विधायक बने नेताओं को भी मौका

सूत्रों के अनुसार, इस मंत्रिमंडल विस्तार में कई ऐसे नेताओं को शामिल किया गया है जो पहली बार विधायक बने हैं। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि नए चेहरों को जिम्मेदारी देने से प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विस्तार भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

विभागों के बंटवारे पर टिकी निगाहें

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब सबसे अधिक चर्चा विभागों के आवंटन को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री जल्द ही सभी नए मंत्रियों के विभागों की घोषणा कर सकते हैं। कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में बदलाव और नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल कर तृणमूल कांग्रेस के लगभग डेढ़ दशक लंबे शासन का अंत किया था। ऐसे में यह मंत्रिमंडल विस्तार नई सरकार के प्रशासनिक एजेंडे को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Tags:    

Similar News