बुजुर्ग माता-पिता पर अत्याचार करने वाली संतान होगी संपत्ति से बेदखल, योगी सरकार का बड़ा फैसला

योगी सरकार ने यूपी में बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। अत्याचार करने वाली संतान को संपत्ति से बेदखल किया जा सकेगा।;

Update: 2026-08-26 05:47 GMT
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करने या उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाली संतान और आश्रित रिश्तेदारों पर अब सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। योगी सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन और संपत्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत पीड़ित बुजुर्ग अपनी स्व-अर्जित संपत्ति से ऐसी संतान या आश्रित रिश्तेदार को बेदखल कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।

मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत नियम 22 में नए प्रावधान 22-क, 22-ख और 22-ग जोड़े जाएंगे।

देखभाल नहीं करने पर संपत्ति से बेदखली का प्रावधान

नए प्रावधानों के मुताबिक, यदि कोई संतान या आश्रित रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिक का भरण-पोषण नहीं करता या उसके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार करता है, तो बुजुर्ग जिला स्तरीय भरण-पोषण अधिकरण में शिकायत कर सकता है। मामले की जांच और सुनवाई के बाद अधिकरण संबंधित व्यक्ति को वरिष्ठ नागरिक की स्व-अर्जित संपत्ति से बेदखल करने का आदेश जारी कर सकेगा।

सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे बुजुर्गों को अपनी संपत्ति पर अधिकार बनाए रखने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।

30 दिन के भीतर होगी शिकायत की सुनवाई

सरकार ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया है। वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई 30 दिनों के भीतर पूरी करने का प्रावधान किया गया है। जिला स्तरीय अधिकरण को ऐसे मामलों की मासिक रिपोर्ट सरकार को भेजनी होगी।

यदि कोई बुजुर्ग खुद शिकायत दाखिल करने की स्थिति में नहीं है तो उसकी ओर से कोई संस्था भी आवेदन कर सकेगी। इससे शारीरिक रूप से कमजोर या असमर्थ वरिष्ठ नागरिकों को भी कानूनी सहायता मिल सकेगी।

आदेश नहीं मानने पर पुलिस की मदद से कब्जा

अगर बेदखली का आदेश जारी होने के बाद संबंधित व्यक्ति 30 दिनों के भीतर संपत्ति खाली नहीं करता है, तो अधिकरण पुलिस की सहायता से संपत्ति पर कब्जा लेकर उसे वरिष्ठ नागरिक को सौंप सकता है। संबंधित पुलिस अधिकारियों के लिए भी आदेश का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

जिला मजिस्ट्रेट को ऐसे मामलों की मासिक रिपोर्ट अगले महीने की सात तारीख तक सरकार को भेजनी होगी। वहीं अधिकरण के आदेश से असंतुष्ट वरिष्ठ नागरिक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित अपीलीय अधिकरण में अपील कर सकेंगे।

जल्द जारी होगा टोल फ्री नंबर

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबिक, नए प्रावधानों के जरिए बुजुर्गों के लिए बेदखली की प्रक्रिया को स्पष्ट और समयबद्ध बनाया गया है। सरकार जल्द ही एक टोल फ्री नंबर भी जारी करेगी। इसके जरिए ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जो स्वयं कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराने में सक्षम नहीं हैं।

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