इस्लामाबाद। Imran Khan Health: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में स्थिति और उनकी सेहत को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। इमरान खान के बेटों सुलैमान ईसा खान और कासिम खान ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने पिता के साथ कथित व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। सुलैमान ने दावा किया कि पाकिस्तान लोकतांत्रिक व्यवस्था से दूर होकर तानाशाही की दिशा में बढ़ रहा है और उनके पिता की लंबे समय से जारी कैद इसका उदाहरण है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमरान खान के अंतरराष्ट्रीय वकील जेरेड जेनसर और अंतरराष्ट्रीय मामलों एवं मीडिया सलाहकार सैयद बुखारी भी मौजूद रहे। बातचीत में इमरान की स्वास्थ्य स्थिति, परिवार से मुलाकात और जेल में उनके इलाज को लेकर उठे विवाद पर चर्चा हुई।
बेटों का दावा- पिता से मिलने की कोशिश नाकाम
इमरान खान के बेटों ने कहा कि वे अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान आने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके वीजा आवेदन लगातार टाले या खारिज किए जा रहे हैं। कासिम खान ने कहा कि अगर उन्हें अपने पिता से मिलने का मौका मिलता है तो वे तुरंत पाकिस्तान पहुंचना चाहेंगे। उन्होंने अपने पिता की जेल की परिस्थितियों को लेकर भी दावा किया। कासिम के मुताबिक, इमरान खान को लंबे समय तक एकांत कारावास में रखा जा रहा है और उन्हें सीमित सुविधाओं वाली कोठरी में काफी समय बिताना पड़ता है। उन्होंने अपने पिता की उम्र और आंखों की समस्या का भी जिक्र करते हुए कहा कि जेल में रहने का असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है।
सैन्य नेतृत्व पर वकील ने लगाए गंभीर आरोप
इमरान खान के अंतरराष्ट्रीय वकील जेरेड जेनसर ने पाकिस्तान की राजनीतिक और लोकतांत्रिक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने सैन्य नेतृत्व पर सत्ता के अत्यधिक केंद्रीकरण का आरोप लगाते हुए सेना प्रमुख असीम मुनीर पर दमनकारी शासन का आरोप लगाया। जेनसर ने दावा किया कि इमरान खान और उनकी पत्नी के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं और उनके मुताबिक इनमें कई आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि इमरान की गिरफ्तारी का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उन लोगों में भी भय पैदा हो सकता है जो सत्ता की नीतियों पर सवाल उठाते हैं। हालांकि, ये आरोप इमरान खान के परिवार और उनके वकील की ओर से लगाए गए हैं। पाकिस्तान सरकार और सैन्य नेतृत्व की ओर से इन दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
इमरान के इलाज को लेकर भी विवाद
इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर हाल के दिनों में पाकिस्तान में राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हुई है। 18 अगस्त को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इमरान खान को मेडिकल जांच और इलाज के लिए 48 घंटे के भीतर अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए। अदालत ने स्वतंत्र मेडिकल पैनल से उनकी जांच कराने की बात भी कही थी। प्रस्तावित पैनल में हृदय रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, सामान्य चिकित्सक और उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान को शामिल किया जाना था।
शिफा अस्पताल के बजाय PIMS ले जाने का दावा
इमरान खान की टीम के मुताबिक, अदालत के निर्देश के बावजूद 20 अगस्त को उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने के बजाय पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी PIMS ले जाया गया। वहां उनकी मेडिकल जांच की गई और बाद में उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट बताकर अदियाला जेल वापस भेज दिया गया। इमरान की टीम ने आरोप लगाया कि शिफा अस्पताल की दिशा में एक ऐसा काफिला भेजा गया, जिससे यह आभास हो कि उन्हें वहां ले जाया जा रहा है। टीम का यह भी दावा है कि उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान शिफा अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन उन्हें इमरान की जांच करने की अनुमति नहीं मिली।
बहन नूरीन ने जेल में की मुलाकात
इस बीच इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी ने मंगलवार को अदियाला जेल में उनसे मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देश के बाद यह लगातार दूसरा सप्ताह है, जब नूरीन ने अपने भाई से मुलाकात की। अदालत ने 18 अगस्त को निर्देश दिया था कि इमरान खान को परिवार के सदस्यों से सप्ताह में एक बार मिलने की अनुमति दी जाए। साथ ही उनके बेटों से सप्ताह में दो बार फोन पर बातचीत कराने की व्यवस्था करने को कहा गया था। PTI के वकील अवैस यूनुस चौधरी के मुताबिक, नूरीन और इमरान की मुलाकात करीब 45 मिनट चली। उनकी दो अन्य बहनें भी जेल के बाहर मौजूद थीं। मुलाकात के बाद तीनों बहनें मीडिया से बातचीत किए बिना वहां से रवाना हो गईं।
इमरान खान की जेल, स्वास्थ्य और परिवार से संपर्क को लेकर जारी विवाद ने पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन और इमरान की चिकित्सा व्यवस्था पर सबकी नजर रहेगी।