ट्रंप के बयान पर भड़कीं जॉर्जिया मेलोनी, बोलीं- इटली किसी के सामने गिड़गिड़ाता नहीं

डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भड़क उठीं। उन्होंने कहा कि न वह और न ही इटली कभी किसी के सामने गिड़गिड़ाता है। बयान के बाद दोनों देशों के संबंधों पर चर्चा तेज।;

Update: 2026-06-20 03:50 GMT
रोम।अमेरिकी राष्ट्रपति और इटली की प्रधानमंत्री के बीच रिश्तों को लेकर नया विवाद सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कड़ी नाराजगी जताई है। ट्रंप के दावे को उन्होंने पूरी तरह निराधार और अपमानजनक बताते हुए कहा कि इटली और उसकी नेतृत्व व्यवस्था कभी भी किसी के सामने झुकने या गिड़गिड़ाने की राजनीति नहीं करती।

हालिया घटनाक्रम ने दोनों नेताओं के संबंधों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब हाल के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की कोशिशें दिखाई दे रही थीं।

G7 सम्मेलन के बयान से बढ़ा विवाद

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान दावा किया कि जी7 शिखर सम्मेलन में मेलोनी उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए काफी उत्सुक थीं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने सहानुभूति के आधार पर उनके साथ फोटो खिंचवाने पर विचार किया था।

ट्रंप के इस बयान ने इटली की राजनीति में हलचल मचा दी। विपक्षी दलों के साथ-साथ सरकार के कई नेताओं ने भी इसे इटली की गरिमा के खिलाफ बताया। मेलोनी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से काल्पनिक और मनगढ़ंत कहानी है, जिसका वास्तविक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है।

‘न मैं और न इटली कभी गिड़गिड़ाते हैं’

मेलोनी ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें यह सुनकर गहरा आश्चर्य हुआ। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “एक बात सभी को याद रखनी चाहिए कि न मैं और न ही इटली कभी किसी के सामने गिड़गिड़ाता है।”

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध सम्मान, सहयोग और पारस्परिक विश्वास पर आधारित होने चाहिए। किसी मित्र देश के नेता के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना न केवल अनुचित है बल्कि कूटनीतिक मर्यादाओं के भी विपरीत है।

इटली के विदेश मंत्री ने भी जताया विरोध

ट्रंप के बयान के बाद इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिका की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी और कहा कि ऐसे बयान इटली की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले हैं।

ताजानी ने कहा कि मित्र देशों के नेताओं के प्रति सम्मान बनाए रखना वैश्विक कूटनीति का मूल सिद्धांत है और इस तरह की टिप्पणियां सहयोगी संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं।

मित्र देशों के प्रति ट्रंप के रवैये पर सवाल

मेलोनी ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप कई बार अपने पारंपरिक सहयोगी देशों के प्रति कठोर भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जबकि विरोधी देशों के प्रति अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि मित्र देशों के साथ संबंधों में सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक है।

इस विवाद ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नेताओं के सार्वजनिक बयानों और उनके कूटनीतिक प्रभाव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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