नेतन्याहू का दावा: ईरानी गार्ड्स प्रमुख अली लारिजानी मारे गए
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि हमारी कार्रवाई में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स प्रमुख और बासिज के सीनियर कमांडर अली लारिजानी की मौत हो गई है।
घोलमरेजा सुलेमानी की मौत का ऐलान, इजरायल ने कहा- अभी और रणनीतियां बाकी
- “हम ईरानी शासन को कमजोर कर रहे हैं” – नेतन्याहू का बड़ा बयान
- अमेरिका के साथ मिलकर दबाव बढ़ाएगा इजरायल, नई रणनीतियों का संकेत
- “भगवान की मदद से हम मजबूत शक्ति बने” – नेतन्याहू का आत्मविश्वास
नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि मंगलवार को हमारी कार्रवाई में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स प्रमुख और बासिज के सीनियर कमांडर अली लारिजानी की मौत हो गई है।
ईरानी शासन को कमजोर करने और जनता को अवसर देने की बात
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इस कदम का उद्देश्य ईरानी शासन को कमजोर करना और जनता को अपने भविष्य को तय करने का अवसर देना है। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के साथ रणनीतिक सहयोग का हवाला देते हुए बताया कि यह कार्रवाई वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम है।
नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि दृढ़ संकल्प, रणनीति और भगवान की मदद से इजरायल अब एक मजबूत वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
अली लारिजानी और घोलमरेजा सुलेमानी को खत्म करने का दावा
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, ''मंगलवार सुबह हमने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख अली लारिजानी को खत्म कर दिया। वह समूह जो वास्तव में ईरान को चला रहा है। साथ ही साथ बासिज के कमांडर घोलमरेजा सुलेमानी को भी कार्रवाई में खत्म कर दिया गया है। ये वही लोग हैं, जो ईरानी शहरों में जनता को आतंकित कर रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि हम इस शासन को कमजोर कर रहे हैं ताकि ईरानी जनता को इसे हटाने का अवसर मिल सके। यह तुरंत नहीं होगा और आसान भी नहीं होगा, लेकिन अगर हम लगातार प्रयास करेंगे, तो उन्हें अपनी किस्मत खुद तय करने का मौका मिलेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत और सैन्य सहयोग का उल्लेख
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से हम अपने अमेरिकी दोस्तों की खाड़ी में मदद कर रहे हैं। मैंने इस मामले में राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत की। हमारी वायुसेना और नौसेना के बीच, और मेरे तथा राष्ट्रपति ट्रंप और उनके स्टाफ के बीच आपसी सहयोग है। हम अप्रत्यक्ष हमलों के माध्यम से दबाव डालेंगे और सीधे कार्रवाई के माध्यम से भी। अभी और भी कई चौंकाने वाली बातें सामने आएंगी।
नेतन्याहू ने कहा, ''रणनीतियों के जरिए ही युद्ध जीता जाता है। हम यहां अपनी सारी रणनीतियां नहीं बताएंगे, लेकिन जैसा कि मैंने आपसे कहा, हमारे पास ऐसी बहुत सी रणनीतियां हैं।''
उन्होंने कहा कि युद्ध जीतने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है दृढ़ संकल्प, नेता का दृढ़ संकल्प, कमांडर का दृढ़ संकल्प और जनता का दृढ़ संकल्प। हम जीतने के लिए दृढ़ हैं और हम अपने लक्ष्य प्राप्त करेंगे।
भगवान की मदद से वैश्विक शक्ति बनने का दावा
नेतन्याहू ने कहा, ''मैं आपसे बस इतनी गुजारिश करता हूं कि आप निराशा फैलाने वाले चैनलों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दें। भगवान की मदद से हम ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। सात अक्टूबर के बाद अब हम एक मजबूत शक्ति हैं, लगभग एक वैश्विक शक्ति, जो अपने दोस्त, वैश्विक महाशक्ति, के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं। हमारे सामने आने वाले तमाम खतरों के बावजूद, यह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।"
नेतन्याहू ने कहा, ''मैं आपसे यह कहना चाहता हूं, हम आपकी भी मदद करेंगे। मुआवजे से जुड़े सभी मामलों के संबंध में, मैंने निर्देश दिए हैं कि इसका पूरा ढांचा आपके सामने प्रस्तुत किया जाए और इसका विस्तार किया जाए। हम उत्तरी क्षेत्र की मदद करेंगे, और हम जरूरतमंद हर व्यक्ति की मदद करेंगे। ठीक वैसे जैसे हमने पहले 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' और कोविड-19 महामारी के दौरान की थी। इस बार हम यह काम और भी अधिक जोर-शोर से करेंगे।''