महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर का केंद्र पर निशाना, कहा - सरकार का तरीका अपारदर्शी

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चेतावनी दी है कि आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने से राज्यों का लोकतांत्रिक संतुलन बिगड़ सकता है, जबकि कैबिनेट ने इसे 2029 के चुनावों से प्रभावी बनाने के लिए मसौदा संशोधन को मंजूरी दे दी है।

Update: 2026-04-11 11:15 GMT

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने महिला आरक्षण बिल को लेकर पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की निंदा की है। कांग्रेस सांसद ने शनिवार को महिला आरक्षण के प्रति पार्टी की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस राजनीतिक प्रतिनिधित्व में महिलाओं के अवसरों को बढ़ाने के प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है।

कांग्रेस सांसद ने एक्स पर किया पोस्ट

सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि मैं दोहराना चाहता हूं कि हम महिला आरक्षण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। दरअसल आते-जाते समय, महिला कांग्रेस की कुछ सहकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुझसे संपर्क किया और आशा व्यक्त की कि उनके अवसरों में जल्द ही सुधार होगा। मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं।

इंदिरा भवन में कांग्रेस की हुई मीटिंग

इससे पहले, कांग्रेस की कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) ने शुक्रवार शाम को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों पर अपना रुख तय करने के लिए बैठक की। यह बैठक लंबे समय से लंबित आरक्षण कानून के कार्यान्वयन और संरचना को लेकर नए सिरे से शुरू हुई राजनीतिक बहस के बीच हुई है।

कांग्रेस सांसद ने दिलाया याद

बैठक के बाद थरूर ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए एक और विस्तृत पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रति कांग्रेस के लंबे समय से चले आ रहे समर्थन की पुष्टि की और याद दिलाया कि पार्टी ने 2013 में राज्यसभा में इसी तरह का विधेयक पेश किया था और उसे पारित भी कराया था। हालांकि उन्होंने सरकार के मौजूदा दृष्टिकोण पर चिंता भी जताई।

केंद्र सरकार की निंदा

कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने विपक्षी दलों से परामर्श किए बिना सरकार द्वारा एकतरफा और अपारदर्शी तरीके से संशोधन लागू करने की निंदा की है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने प्रस्तावित परिवर्तनों के समय और तरीके पर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि परिसीमन प्रक्रिया के साथ विधेयक को जोड़ने से राज्यों में लोकतांत्रिक संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर दक्षिण और पूर्वोत्तर में।

सरकार के इरादे पर उठाया सवाल

उन्होंने आगे कहा कि बैठक में कई कांग्रेस नेताओं ने सरकार के इरादे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पहले कार्यान्वयन में हुई देरी जनगणना के आधार पर उचित थी, जबकि वर्तमान प्रयास आगामी चुनावों और 2029 के आम चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होता है।

कांग्रेस करती है समर्थन लेकिन...

कांग्रेस सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन प्रक्रिया समावेशी, पारदर्शी और संघीय सिद्धांतों का सम्मान करने वाली होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संशोधन का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए जो संसद की विचार-विमर्श संस्था के रूप में भूमिका को कमजोर करे।

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