सम्राट चौधरी ने साबित किया बहुमत, तेजस्वी यादव से कहा- सत्ता किसी की बपौती नहीं
Samrat Choudhary Floor Test : बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी ने बहुमत साबित कर दिया है। सदन में बहस के बाद ध्वनि मत से विश्वास मत प्रस्ताव हो गया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्ष ने मत विभाजन की मांग नहीं रखी।;
पटना। बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में बहुमत साबित कर दिया है। राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्ष ने वोटिंग की मांग नहीं की, जिसके बाद स्पीकर ने ध्वनि मत से सम्राट चौधरी के विश्वास मत प्रस्ताव को पारित घोषित कर दिया। इससे पहले सदन में विश्वास मत के प्रस्ताव पर एनडीए और विपक्ष के नेताओं के बीच बहस हुई।
तेजस्वी ने प्रस्ताव के विरोध में कहा कि 25 से 30, फिर से नीतीश बोलकर बीजेपी ने नीतीश को फिनिश कर दिया है। जवाब देते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार को कोई हटा नहीं सकता, बल्कि उनकी इच्छाशक्ति से आज वो मुख्यमंत्री बने हैं।
सम्राट चौधरी ने उम्र, नाम और डिग्री को लेकर उठ रहे सवालों का भी विधानसभा के जरिए जवाब दिया और कहा कि वो अगर नाबालिग होते तो पुलिस उनको जेल नहीं ले जाती, बल्कि बाल सुधार गृह भेजती। लालू यादव की पाठशाला से निकले होने वाले तेजस्वी यादव के बयान पर सम्राट चौधरी ने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं है।
उन्होंने कहा कि नीतीश नहीं होते तो लालू विधायक बन जाते, लेकिन नेता नहीं बन पाते। उन्होंने लालू के पहली बार सीएम बनने की याद दिलाते हुए कहा कि आरएसएस के सामने घुटना टेकने के बाद ही लालू यादव को पहली बार हल्दी लगा था।
आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर गए सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फ्लोर टेस्ट आसानी से पास कर लिया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बहुमत के साथ विश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। उन्होंने सभी सदस्यों को बधाई दी। साथ ही नीतीश कुमार के कामकाज की भी खूब तारीफ की। विजय चौधरी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के व्यवहार का निंदा प्रस्ताव लाया। जो कि बहुमत से पास हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकल के लिए स्थगित कर दी गई।
सम्राट चौधरी बोले- लालू प्रसाद ने आरएसएस के सामने घुटना टेका
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की धरती है। लालू प्रसाद बड़े नेता हैं। मैं उनके साथ भी काम किया है। लेकिन, वह अगर अपने बारे नहीं सोचते तो आज सब लोग उनके साथ नहीं होते। लालू प्रसाद ने आरएसएस दफ्तर जाकर घुटना टेका था। 33 विधायकों का समर्थन मिला तब वह मुख्यमंत्री बने। नीतीश कुमार नहीं होते तो लालू प्रसाद नेता नहीं बनते।
किन तीन चीजों को देखेगा सीएमओ?
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सदन में देख लीजिए, दो-तिहाई से अधिक ओबीसी और दलित वर्ग से महिला विधायक हैं। महिलाओं का सम्मान करना होगा। महिलाओं के खिलाफ कोई भी गलत नजर डालेगा, तो उसे पाताल से भी खोजकर निकाल लिया जाएगा। तीन चीजों (ब्लॉक, अंचल और थाना) को अब सीएमओ देखेगा।
सम्राट चौधरी ने सदन में क्या कहा?
सीएम सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद पर हमला बोलते हुए कहा कि वह सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने लेकिन बिहार को लूट लिया। उनके राज में बिहार की क्या दुर्दशा थी? यह जनता जानती है। नीतीश कुमार कोई न राजनीति से हटा सकता है और न ही दिल से हटा सकता है। नीतीश कुमार हमेशा कहते थे कि अब अपलोगों को बिहार संभालना होगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि मेरे पास विकास के अलावा कोई काम नहीं है। सम्राट ने सरकार की विकास योजनाओं की जानकारी दी।