राज्यसभा के 32 प्रतिशत सांसदों पर क्रिमिनल केस दर्ज, एडीआर रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
प्रमुख पार्टियों में, भाजपा सबसे आगे है, जिसके 99 सांसदों में से 27 ने आपराधिक मामलों की घोषणा की है। इसके बाद कांग्रेस (28 में से 12), टीएमसी (13 में से 4) और आम आदमी पार्टी (10 में से 4) का स्थान आता है। कई पर आय से अधिक संपत्ति के मामले भी दर्ज हैं।
नई दिल्ली। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ( एडीआर ) ने राज्यसभा के मौजूदा सांसदों के क्रिमिनल रिकॉर्ड को लेकर ताजा रिपोर्ट जारी किया है, जो उनके स्वयं के शपथपत्रों पर आधारित है। कुल 233 सदस्यों में से 229 सदस्यों (जिनमें हाल ही में निर्वाचित 37 सदस्य शामिल हैं) को कवर करने वाली यह रिपोर्ट भारत के उच्च सदन में आपराधिक मामलों और आय से अधिक संपत्ति को लेकर खुलासा करती है।
जांचे गए 229 सांसदों में से 73 (32 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की घोषणा की है। इनमें 36 सांसद (16 प्रतिशत) शामिल हैं जिन पर हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं।
गौरतलब है कि एक सांसद ने 36 गंभीर मामलों की घोषणा की है, जबकि अन्य सांसदों के खिलाफ कम से कम एक हत्या से संबंधित मामला, चार हत्या के प्रयास से संबंधित मामले और तीन महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले दर्ज हैं।
बीजेपी के सबसे अधिक सांसदों पर क्रिमिनल केस दर्ज
प्रमुख पार्टियों में, बीजेपी सबसे आगे है, जिसके 99 सांसदों में से 27 पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इसके बाद कांग्रेस (28 में से 12), टीएमसी (13 में से 4) और आम आदमी पार्टी (10 में से 4) का स्थान आता है। वहीं बीआरएस के एक सांसद ने 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है, जो अब तक की सबसे अधिक रिपोर्ट है।
वित्तीय मोर्चे पर, रिपोर्ट धन के अत्यधिक केंद्रीकरण को उजागर करती है। 31 सांसद (14 प्रतिशत) अरबपति हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक है। राज्यसभा सांसद की औसत संपत्ति 120.69 करोड़ रुपये है, जो यह दर्शाती है कि सदन में अति-धनी लोगों का प्रतिनिधित्व अधिक है। पार्टीवार औसत में भारी अंतर है।
आम आदमी पार्टी प्रति सांसद अमीरी में सबसे ऊपर
आम आदमी पार्टी (AAP) 574.09 करोड़ रुपये प्रति सांसद के साथ सूची में सबसे ऊपर है
फिर वाईएसआरसीपी 522.63 करोड़ रुपये प्रति सांसद के साथ दूसरे स्थान पर है।
समाजवादी पार्टी 399.71 करोड़ रुपये प्रति सांसद के साथ तीसरे स्थान पर है।
कांग्रेस 128.61 करोड़ रुपये प्रति सांसद के साथ चौथे स्थान पर है।
भाजपा 28.29 करोड़ रुपये प्रति सांसद के साथ पांचवे स्थान पर है।
टीएमसी 17.70 करोड़ रुपये प्रति सांसद के साथ छठे स्थान पर है।
डीएमके 11.90 करोड़ रुपये प्रति सांसद के साथ 7वें स्थान पर है।
सबसे अमीर और गरीब सांसद
सबसे धनी सांसद की पहचान भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के पार्था सारथी रूप में हुई है, जिन्होंने 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। वहीं, सबसे गरीब सांसद की बात करें तो वह आप के संत बलबीर सिं हैं, जिनकी संपत्ति करीब 3 लाख रुपये है।