NEET, पेपर लीक और बेरोजगारी पर छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, 17 जून को कोटा से शुरू होगा देशव्यापी अभियान
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 17 जून से कोटा से देशव्यापी छात्र संवाद अभियान की शुरुआत करेंगे। NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर छात्रों से सीधे चर्चा की जाएगी।;
नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, नीट पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश के विभिन्न शहरों में जाकर छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। अभियान का पहला कार्यक्रम 17 जून को राजस्थान के कोटा शहर में आयोजित किया जाएगा, जिसे देश का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है।
छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाने की तैयारी
हाल ही में विपक्षी गठबंधन की बैठक में नीट परीक्षा, पेपर लीक मामलों और युवाओं के सामने खड़ी रोजगार संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसके बाद कांग्रेस ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं तक सीधे पहुंचने की रणनीति तैयार की है।
पार्टी का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य छात्रों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव खुलकर साझा कर सकें। साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को भी मजबूत किया जाएगा।
कोटा से होगी शुरुआत, कई शहरों में होंगे सम्मेलन
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी का यह राष्ट्रीय छात्र संवाद अभियान 17 जून को कोटा से शुरू होगा। इसके बाद 10 जुलाई को प्रयागराज (इलाहाबाद), 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में भी बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र, युवा संगठन, शिक्षक, शिक्षा विशेषज्ञ और विभिन्न परीक्षा घोटालों से प्रभावित अभ्यर्थी शामिल होंगे।
फिजिकल और डिजिटल दोनों माध्यमों से जुड़ेंगे छात्र
कांग्रेस ने अभियान को व्यापक बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों स्तरों पर तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत कैंपस विजिट, कोचिंग संस्थानों में संवाद, विश्वविद्यालयों और स्कूलों में कार्यक्रम, सोशल मीडिया अभियान, लाइव स्क्रीनिंग और इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किए जाएंगे।
पार्टी का मानना है कि बड़ी संख्या में युवाओं को सीधे जोड़कर उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सकता है। इसके लिए छात्रों को फिजिकल और डिजिटल निमंत्रण भी भेजे जाएंगे।
संसद में भी उठेगा युवाओं का मुद्दा
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि छात्रों और युवाओं से मिले सुझावों और शिकायतों को संसद में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि वह परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर व्यापक बहस की मांग करेगी।
राहुल गांधी का यह अभियान ऐसे समय शुरू हो रहा है जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और रोजगार के अवसरों को लेकर युवाओं के बीच लगातार चर्चा हो रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पहल युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का प्रयास है।