ट्रंप ने किया ईरान युद्ध खत्म होने का दावा, बोले- पश्चिम एशिया में शांति समझौते पर बनी सहमति, फिलहाल नहीं होंगे नए हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पश्चिम एशिया के देशों के बीच ईरान युद्ध समाप्त करने पर सहमति बनी है। उन्होंने फिलहाल ईरान पर नए हमले रोकने की बात कही, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।;

Update: 2026-08-02 05:28 GMT
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में पिछले पांच महीनों से जारी ईरान संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि क्षेत्रीय देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि फिलहाल अमेरिका ईरान पर कोई नया सैन्य हमला नहीं करेगा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है और न ही ईरान या अन्य संबंधित देशों ने सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि की है।

सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने किया बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उनके अनुसार, प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करने जैसे अहम बिंदु शामिल हैं।

ट्रंप ने लिखा कि उन्होंने वैश्विक हित और एक स्थिर एवं समृद्ध ईरान को ध्यान में रखते हुए फिलहाल नए हमलों को रोकने का निर्णय लिया है, बशर्ते शांति समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायल इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका के साथ सहयोग करने को तैयार है।

सऊदी अरब ने जताई थी सैन्य कार्रवाई पर चिंता

रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता व्यक्त की और तनाव को और बढ़ाने से बचने की अपील की।

सऊदी अरब को आशंका थी कि यदि अमेरिका ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों या अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला करता है, तो जवाबी कार्रवाई में तेहरान खाड़ी क्षेत्र के देशों के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है। इसी कारण रियाद लगातार कूटनीतिक समाधान और वार्ता के पक्ष में रहा है।

नेतन्याहू ने जारी रखने को कहा था अभियान

इस सप्ताह की शुरुआत में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वॉशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात की थी। बताया गया कि नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने की वकालत की थी। इसके बावजूद ट्रंप की ओर से अब युद्ध समाप्त करने की दिशा में सहमति बनने का दावा सामने आया है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो इससे पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है। हालांकि, स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है और किसी भी समझौते के प्रभावी होने के लिए सभी संबंधित पक्षों की औपचारिक सहमति आवश्यक होगी।

ईरान संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री परिवहन पर भी पड़ा है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में युद्धविराम और स्थायी शांति की दिशा में कोई ठोस समझौता हो पाता है या नहीं।

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