पुणे को मिली मेट्रो की नई सौगात, पीएम मोदी ने किया लाइन-3 का उद्घाटन; बोले- पुरानी सरकार होती तो दशकों करना पड़ता इंतजार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे मेट्रो की मान-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक जाने वाली लाइन-3 का उद्घाटन किया। 23.203 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से आईटी हब और प्रमुख इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।;

Update: 2026-11-03 10:29 GMT
पुणे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुणे मेट्रो की बहुप्रतीक्षित लाइन-3 का उद्घाटन किया। मान-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक जाने वाला यह 23.203 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर पुणे के आईटी हब, व्यावसायिक केंद्रों और प्रशासनिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। यात्रियों के लिए मेट्रो सेवाएं चार नवंबर की सुबह छह बजे से शुरू होंगी। इस नई सुविधा से खासकर हिंजवडी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर पुरानी सरकार और पुरानी कार्यसंस्कृति बनी रहती, तो पुणे तक मेट्रो पहुंचने में कई दशक और लग जाते। उन्होंने इसे सुशासन और लोगों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने वाली सरकार के कामकाज का उदाहरण बताया।

2014 के बाद मेट्रो नेटवर्क में तेजी से हुआ विस्तार

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में केंद्र में एनडीए सरकार बनने के बाद शहरों में रहने वाले मध्यम वर्ग की ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ ट्रांसपोर्टेशन को प्राथमिकता दी गई। उनके मुताबिक, किसी शहर की तरक्की केवल आर्थिक गतिविधियों से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को मिलने वाली सुविधाओं से भी तय होती है।

मोदी ने बताया कि देश में पहली मेट्रो सेवा 1984 में शुरू हुई थी। इसके बाद 30 वर्षों में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क तैयार हो पाया। वर्ष 2014 तक सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो चलती थी। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 1,400 किलोमीटर हो गया है और अब 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध हैं। रोजाना एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं।

पुणे के आईटी और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

प्रधानमंत्री ने कहा कि पुणे शिक्षा, आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। हिंजवडी में राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क होने के कारण यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना आवाजाही करते हैं। नई मेट्रो लाइन से इन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि शहर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र भी हैं। केंद्र सरकार ने इसी सोच के तहत अर्बन चैलेंज फंड को मंजूरी दी है, जिसके लिए एक लाख करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य शहरों में विकास परियोजनाओं के लिए बड़े स्तर पर निवेश जुटाना है।

8,313 करोड़ रुपये की लागत से बना कॉरिडोर

पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMRDA) के आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी के अनुसार, लाइन-3 पूरी तरह एलिवेटेड कॉरिडोर है। इसे 'पुणेरी मेट्रो' और 'पिंक लाइन' के नाम से भी जाना जाता है। परियोजना की अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है। इसे डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी से तैयार किया गया है।

23 में से 17 स्टेशन से शुरू होगी सेवा

इस कॉरिडोर पर कुल 23 स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें से शुरुआत में 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जाएंगे। सात स्टेशनों पर शुरुआती चरण में केवल एक सीढ़ी चालू रहने की जानकारी दी गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों, पैदल रास्तों और अन्य परिवहन साधनों से मेट्रो को जोड़ने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।

परियोजना के साथ साइकिल ट्रैक, चौड़े फुटपाथ, पैदल क्रॉसिंग और फुट ओवरब्रिज भी बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे सड़क यातायात पर दबाव घटेगा और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा।

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