पीएम मोदी ने पेश किया ‘सप्त धारा’ रोडमैप, जानें- विकसित भारत 2047 के लिए क्या है 7 सूत्री विजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ‘सप्त धारा’ रोडमैप पेश किया। जानिए विकसित भारत 2047 के लिए मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, टेक्नोलॉजी समेत सात प्रमुख शक्तियां क्या हैं।;

Update: 2026-08-15 07:30 GMT

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘सप्त धारा’ का विजन सामने रखा। इसका उद्देश्य भारत की आर्थिक, तकनीकी, सामरिक और सामाजिक क्षमता को एक साथ आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को गति देना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 5 से 7 वर्षों में इन सात शक्तियों के सामूहिक प्रभाव से भारत विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

पीएम मोदी ने भारत के प्राचीन संदर्भ ‘सप्त सिंधु’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह कभी भारत की शक्ति को सात नदियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाता था, उसी तरह आज देश को विकास की नई धाराओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन सात शक्तियों का इस्तेमाल देश के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के लिए किया जाएगा।

1. मैन्युफैक्चरिंग पावर: दुनिया की भरोसेमंद सप्लाई चेन बने भारत

‘सप्त धारा’ की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को छोटे-छोटे कंपोनेंट से लेकर बड़े उत्पादों तक पूरी मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन देश में विकसित करनी होगी।

उन्होंने डिजाइन से लेकर उत्पादन तक भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का भरोसेमंद साझेदार बनाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय कंपनियों और एमएसएमई को लागत, गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता के वैश्विक मानकों पर खरा उतरना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की पहचान विश्वास और गुणवत्ता से होनी चाहिए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

2. कृषि और फूड प्रोसेसिंग: खेत से ग्लोबल मार्केट तक

दूसरी धारा कृषि और फूड प्रोसेसिंग है। प्रधानमंत्री ने भारतीय किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के कारण भारतीय कृषि उत्पादों के लिए दुनिया के बड़े बाजार खुल रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय मिलेट्स, मसाले, फल, फूल, पारंपरिक भोजन और रसायन-मुक्त कृषि उत्पादों को वैश्विक ब्रांड बनाया जा सकता है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करना होगा और लक्ष्य खेत से निर्यात बाजार तक होना चाहिए।

3. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: एआई से 6 जी तक नेतृत्व

तीसरी शक्ति टेक्नोलॉजी और इनोवेशन है। पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत को इनोवेशन हब बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने यूपीआई और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की डिजिटल तकनीकों को दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचाना होगा। साथ ही उन्होंने मेड इन इंडिया 6जी को देश के लक्ष्य के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही।

4. गति शक्ति: तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी

चौथी धारा गति शक्ति है। इसके तहत भारत में तेज, आधुनिक और निर्बाध कनेक्टिविटी विकसित करने पर जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने शहरों को हाई-स्पीड रेल से जोड़ने की जरूरत बताई।

उन्होंने बंदरगाह-आधारित विकास को भी महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी के मुताबिक बंदरगाह केवल माल की लोडिंग और अनलोडिंग की जगह न रहकर आर्थिक विकास के बड़े केंद्र बनने चाहिए।

5. डिफेंस पावर: भारत बने रक्षा तकनीक का ग्लोबल सप्लायर

पांचवीं शक्ति रक्षा शक्ति है। प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और भारत को अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक का वैश्विक सप्लायर बनाने का लक्ष्य रखा।

उन्होंने ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी पर विशेष जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत केवल दुनिया के लिए बाजार बनकर नहीं रह सकता, बल्कि उसे वैश्विक रक्षा आपूर्ति में नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी।

6. ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी: रोजगार और विकास के नए अवसर

छठी धारा ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी है। प्रधानमंत्री ने ग्रीन हाईड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक स्तर पर काम करने की जरूरत बताई।

इसके साथ ही भारत की लंबी समुद्री सीमा को देखते हुए मत्स्य पालन, तटीय पर्यटन और समुद्री तकनीक में भी बड़ी संभावनाएं हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ग्रीन इकोनॉमी देश में नए ग्रीन जाब पैदा करने का माध्यम बन सकती है।

7. सॉफ्ट पावर: योग, आयुर्वेद से संस्कृति तक भारत की ताकत

सातवीं और अंतिम धारा सॉफ्ट पावर है। प्रधानमंत्री ने योग, आध्यात्मिक केंद्रों, आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य सेवा को भारत की वैश्विक ताकत बताया।

उन्होंने भारत में इलाज अभियान, हस्तशिल्प, भारतीय संस्कृति, फिल्म, वीएफएक्स, एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में भारत की संभावनाओं का उल्लेख किया। पर्यटन को भी सॉफ्ट पावर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के जंगलों और 100 से अधिक राष्ट्रीय उद्यानों की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करके विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।

अलग-अलग नहीं, एक साथ आगे बढ़ेंगी सातों धाराएं

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘सप्त धारा’ को सात अलग-अलग योजनाओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इन सभी क्षेत्रों की ताकत एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। मैन्युफैक्चरिंग को तकनीक की जरूरत है, कृषि को बेहतर कनेक्टिविटी और फूड प्रोसेसिंग की, जबकि ग्रीन इकोनॉमी को इनोवेशन और निवेश की आवश्यकता होगी।

पीएम मोदी के मुताबिक इन सात शक्तियों को एक साथ आगे बढ़ाने से भारत की आर्थिक और रणनीतिक क्षमता मजबूत होगी। यही सामूहिक शक्ति विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश की रफ्तार बढ़ाएगी।

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