पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान, 'बिंतांग आदिपूर्णा' से सम्मानित; भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' प्रदान किया गया। भारत-इंडोनेशिया के बीच रक्षा, UPI, समुद्री सुरक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर कई अहम समझौते हुए।;
जकार्ता। इंडोनेशिया की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' से सम्मानित किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करने की घोषणा करते हुए भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक मित्रता तथा रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे हैं। इसके बाद वे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का भी दौरा करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने इस्ताना नेगारा में उनका औपचारिक स्वागत किया, जहां द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी बोले- यह सम्मान पूरे भारत का सम्मान
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने इंडोनेशिया की जनता, सरकार और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध आज भी उतने ही मजबूत हैं।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों में नई ऊर्जा, विश्वास और गहराई आई है। वर्ष 2018 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब रक्षा, व्यापार, तकनीक, शिक्षा, संस्कृति और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रही है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत
बैठक के दौरान दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के कोस्ट गार्ड मिलकर काम करेंगे। साथ ही ब्लू इकोनॉमी, बंदरगाह विकास और समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भी नई योजनाओं पर सहमति बनी है।
उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करेंगे।
UPI और डिजिटल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत का UPI जल्द ही इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से जुड़ने जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और डिजिटल लेनदेन पहले से अधिक आसान और तेज होगा।
इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिज, स्टील सेक्टर और रेयर-अर्थ मैग्नेट की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए भी दोनों देशों की कंपनियों के बीच नई साझेदारियां स्थापित की जाएंगी।
सांस्कृतिक विरासत को भी मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के साथ योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
दोनों देशों ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा की 100वीं वर्षगांठ को 'टैगोर-देवांतारा वर्ष' के रूप में मनाने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत शिक्षा, संस्कृति और अकादमिक आदान-प्रदान से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तीन देशों के दौरे का पहला अहम पड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और महासागर विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इन यात्राओं के दौरान व्यापार, रक्षा, निवेश, तकनीक, शिक्षा और भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़े विषय प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे।