झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने का ऐलान, सीएम भगवंत मान ने मानी परिवार की मांग

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की CBI जांच कराने का ऐलान किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले यह घोषणा हुई।;

Update: 2026-10-20 06:22 GMT

चंडीगढ़। पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह फैसला झोटा के परिवार की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस घोषणा के बाद मामले की जांच को लेकर नई प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

परिवार की मांग पर CBI जांच का फैसला

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने वालों के साथ खड़ी है। उन्होंने परविंदर सिंह झोटा के पिता और परिवार के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि परिवार की मांग स्वीकार कर ली गई है।

मान ने यह भी कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनके मुताबिक, नशे के सौदागरों के खिलाफ लड़ाई में सरकार पीछे नहीं हटेगी।

झोटा की हत्या के मामले में परिवार लंबे समय से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। अब CBI जांच के ऐलान के बाद मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पड़ताल केंद्रीय एजेंसी के स्तर पर किए जाने का रास्ता खुल सकता है।

अमित शाह के दौरे से पहले हुई घोषणा

मुख्यमंत्री का यह ऐलान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से कुछ घंटे पहले आया है। शाह अपने दौरे के दौरान बटाला, संगरूर और मानसा में नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। ऐसे में झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की घोषणा को राज्य में नशे के मुद्दे पर जारी राजनीतिक चर्चा के बीच अहम माना जा रहा है।

पंजाब में नशे की समस्या और उससे प्रभावित परिवारों के मुद्दे को लेकर सरकार तथा विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी होती रही है। शाह के दौरे में भी नशे से जुड़े मामलों और पीड़ित परिवारों की समस्याओं पर चर्चा होने की संभावना है।

हरसिमरत कौर बादल ने भी उठाई थी जांच की मांग

इससे एक दिन पहले शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर झोटा हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने अनुरोध किया था कि जांच को केवल इस मामले तक सीमित न रखा जाए।

बादल ने सुनाम के मोहनजीत सिंह और गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने मोहनजीत सिंह को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के बाद कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने का मुद्दा उठाया। सांसद ने इन मामलों के साथ नशे के खिलाफ बोलने वाले लोगों से जुड़े अन्य मामलों की भी व्यापक जांच कराने की मांग की।

अब मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद झोटा हत्याकांड की जांच और पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आगे के कदमों पर नजर रहेगी।

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