हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित, विपक्ष का प्रदर्शन

संसद के मानसून सत्र के 15वें दिन विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित हुई। विपक्ष ने जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे पर अमित शाह से जवाब मांगा।;

Update: 2026-08-07 05:47 GMT
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का शुक्रवार को 15वां दिन है और सरकार तथा विपक्ष के बीच गतिरोध अब भी बना हुआ है। विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। पिछले तीन सप्ताह में कई बार दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष के विरोध के कारण बाधित हुई है। हालांकि, हंगामे के बीच सरकार कुछ महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने में सफल रही है।

जंतर-मंतर की घटना को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन

मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष दो प्रमुख मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर है। पहला मुद्दा 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का है। विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में संसद के भीतर बयान देने की मांग कर रहा है। दूसरा मुद्दा अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए मिले चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने सरकार से दोनों मामलों पर जवाब देने की मांग की।

मणिकम टैगोर ने दिया स्थगन प्रस्ताव

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों, खासकर छात्राओं के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया गया।

टैगोर ने अपने नोटिस में लाठीचार्ज, आंसू गैस, वाटर कैनन और कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों का उल्लेख किया। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि पुलिस कार्रवाई का आदेश किसके स्तर से दिया गया और क्या कार्रवाई कानून तथा संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप थी।

उन्होंने यह भी पूछा कि घटना में कितने छात्र घायल हुए, कितने लोगों को हिरासत में लिया गया और कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई। कांग्रेस सांसद ने पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच कराने, छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद शुरू करने की मांग की।

दल-बदल विरोधी कानून पर भी चर्चा की मांग

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने बड़े पैमाने पर होने वाले राजनीतिक दल-बदल पर रोक लगाने के लिए मौजूदा दल-बदल विरोधी कानून को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की मांग की। उनका कहना है कि कानून में ऐसे प्रावधान होने चाहिए, जो राजनीतिक अवसरवाद पर रोक लगाएं और वास्तविक वैचारिक असहमति के लिए लोकतांत्रिक स्थान भी बनाए रखें।

इस बीच लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित कर दी गई। संसद में जारी गतिरोध के कारण आने वाले दिनों में भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

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