संसद का मॉनसून सत्र समाप्त, लोकसभा में 11 बिल पास; रिजिजू बोले- राज्यसभा की उत्पादकता 39%, लोकसभा 19%

संसद का मॉनसून सत्र समाप्त हो गया। किरेन रिजिजू के मुताबिक राज्यसभा की उत्पादकता 39% और लोकसभा की 19% रही। लोकसभा में 11 विधेयक पारित हुए।;

Update: 2026-08-13 07:32 GMT
नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र समाप्त होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे सत्र के कामकाज का ब्योरा साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे का असर संसदीय कामकाज पर पड़ा।

लोकसभा की उत्पादकता 19 फीसदी

किरेन रिजिजू के मुताबिक, मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा की कुल उत्पादकता 19 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि निचले सदन में 11 विधेयक पारित किए गए, लेकिन इनमें से केवल एक विधेयक पर सदन में चर्चा हो सकी।

रिजिजू ने कहा कि सदन में लगातार हंगामे के कारण विधायी कार्य प्रभावित हुआ। विपक्षी सांसदों के विरोध और कार्यवाही बाधित होने के चलते सरकार के सामने निर्धारित कामकाज पूरा करने में मुश्किलें आईं।

राज्यसभा में 39 फीसदी कामकाज

संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि राज्यसभा की उत्पादकता 39 प्रतिशत रही। उनके अनुसार, उच्च सदन में भी विपक्षी दलों के कई सांसदों ने हंगामा किया और कई मौकों पर सदन से बाहर चले गए।

हालांकि, रिजिजू ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद एनडीए के अधिकांश सहयोगी दलों के सांसदों और कुछ विपक्षी सांसदों ने बहस और चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पेश किए गए सभी विधेयकों पर चर्चा हुई।

सरकार ने विपक्ष पर साधा निशाना

रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार रही, लेकिन कई मौकों पर विपक्षी विरोध के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।

मंत्री के मुताबिक, संसदीय लोकतंत्र में चर्चा और बहस का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।

मॉनसून सत्र के दौरान छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चढ़ावा मामले समेत कई मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा। वहीं सरकार ने कहा कि वह नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है।

सत्र के समापन के बाद अब सरकार और विपक्ष दोनों के रुख पर नजर रहेगी। रिजिजू के आंकड़ों ने यह जरूर स्पष्ट किया कि लगातार राजनीतिक गतिरोध का असर संसद की उत्पादकता पर पड़ा।

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