ऑपरेशन सिंदूर से कांप उठा था पाकिस्तान, अमेरिकी रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा

Pakistan Meetings In US To Stop Operation Sindoor: पाकिस्तान भारत की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर से इतना डर गया था कि उसने भारत को रोकने के लिए अमेरिका से मदद मांगी।

Update: 2026-01-07 06:27 GMT

नई दिल्ली। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 11 एयरबेस को ध्वस्त किया था। साथ ही वहां पनप रहे आतंकियों के 9 ठिकानों को भी तबाह किया था। सामने आई अमेरिकी सरकार की फाइलों से पता चलता है कि पाकिस्तान की लॉबी एजेंसियों ने इस ऑपरेशन के दौरान US जबरदस्त लॉबी की थी। अमेरिकी सरकार की इन फाइलों को हाल ही में सार्वजनिक किया गया।

अमेरिका की मदद मांगने पहुंचा पाक

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स और डिफेंस ऑफिसर्स ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले के बाद अमेरिका के कई सांसदों समेत मीडिया नेटवर्क्स के साथ 60 से अधिक मीटिंग्स करने की कोशिश की थी।

ये सभी मीटिंग्स पहलगाम आतंकी हमले के बाद, ऑपरेशन सिंदूर के वक्त और भारत-पाक संघर्ष के युद्धविराम के बाद की गई थी। अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के तहत फाइल किए गए रिकॉर्ड से इसका खुलासा हुआ है।

भारत के एक्शन से डरा पाक

रिकॉर्ड में पता चला है कि इस्लामाबाद के US में डिप्लोमैट और उसके डिफेंस अताशे (DA) ने ईमेल और फोन कॉल समेत आमने-सामने बैठक की। इस दौरान 60 से अधिक बिचौलियों से बार-बार कॉन्टैक्ट किया गया।

इससे साफ जाहिर होता है कि भारत के एक्शन से पाकिस्तान बुरी तरह डर गया था और वह भारत को रेकने के लिए अमेरिका से बार-बार गुहार लगा रहा था। फाइलों से यह भी साफ पता चलता है कि पाकिस्तान ने यह संपर्क अमेरिकी सांसद, फॉरेन डिपार्टमेंट, पेंटाहन और कई जाने-माने अमेरिकी जर्नलिस्ट से किया था।

लॉबिंग एजेंसियां हायर की

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, कश्मीर, रेयर मिनरल्स और पाक-अमेरिका संबंध को लेकर चर्चा की थी। पाकिस्तानी प्रतिनिधियों ने कई प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठनों के साथ इंटरव्यू और बैकग्राउंड मीटिंग्स भी की। पाकिस्तान लगातार कॉन्टैक्ट कर रहा था और जितना संभव हो सके, जिन ऑफिसर्स से संभव हो सके उनसे बातचीत करने का प्रयास कर रहा था। बता दें कि इससे पहले नवंबर 2025 में 'द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट' में खुलासा हुआ था कि पाक ने ट्रंप प्रशासन तक अपनी जल्दी पहुंच बनाने और डिप्लोमैटिक रिलेशन को तेज करने के लिए अमेरिका में 6 लॉबिंग एजेंसियां हायर की थीं।

इनके साथ अमेरिका ने 5 मिलियन डॉलर की डील की थी। इसके अलावा पाक की ओर से जेवलिन एडवाइजर्स के साथ भी समझौता किया गया था। माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद से ही ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर को व्हाइट हाउस बुलाया था।

ऑपरेशन सिंदूर में ट्रंप ने नहीं की थी मध्यस्थता

बता दें कि अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि इसमें कहीं भी यह जिक्र नहीं किया गया है कि भारत ने अमेरिका से पाकिस्तान के साथ संघर्ष में मध्यस्थता की मांग की हो या अपने ऑफीशियल इवेंट्स में सीजफायर का मुद्दा उठाया है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध 3 पन्नों के इस डॉक्यूमेंट में अप्रैल-दिसंबर 2025 के बीच वॉशिंगटन में ट्रंप के सलाहकार जेसन मिलर के नेतृत्व वाली लॉबिंग फर्म एसएचडब्ल्यू पार्टनर्स एलएलसी की ओर से आयोजित फोन कॉल, ईमेल और मीटिंग्स का डीटेल दिया गया है।

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के 2 दिन बाद भारतीय दूतावास ने इस फर्म को हाई लेवल वीजिटिंग की तैयारियों, व्यापार वार्ताओं और अमेरिकी एजेंसियों के साथ समन्वय समेत रेगुलर डिप्लोमेटिक कॉन्टैक्ट में सहयोग देने के लिए नियुक्त किया था।

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