पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की भारत को युद्ध की धमकी, सिंधु जल संधि पर बढ़ी बयानबाजी

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को युद्ध की धमकी दी। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने सख्त रुख को दोहराया, जबकि पाकिस्तान में जल संकट गहराता जा रहा है।;

Update: 2026-06-22 02:49 GMT
इस्लामाबाद। सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और जल संसाधनों पर खतरा महसूस हुआ तो वह भारत के खिलाफ युद्ध का विकल्प अपनाने से पीछे नहीं हटेगा। उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।

एक पाकिस्तानी मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पानी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि यदि इस्लामाबाद को ऐसे संकेत या सबूत मिलते हैं कि भारत सिंधु नदी प्रणाली के जल प्रवाह को प्रभावित करने या रोकने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है, तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है।

सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख

आसिफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत सिंधु जल संधि को लेकर अपने सख्त रुख पर कायम है। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के ढांचे को समाप्त करने के लिए ठोस और विश्वसनीय कदम नहीं उठाता, तब तक संधि को लेकर उसका रुख नहीं बदलेगा।

भारत का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसी नीति के तहत जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रबंधन को लेकर कई कदम उठाए जा रहे हैं।

पाकिस्तान ने भारत पर लगाए आरोप

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत पर पानी को राजनीतिक और रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भारत चिनाब नदी के प्रवाह में बदलाव कर रहा है और जल संबंधी महत्वपूर्ण आंकड़े साझा नहीं कर रहा।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में जल संकट की बड़ी वजह आंतरिक कुप्रबंधन और जल संसाधनों के संरक्षण में कमी है। देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में पानी की गंभीर समस्या लगातार बढ़ रही है।

जल संकट से जूझ रहा पाकिस्तान

विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान की लगभग एक-तिहाई आबादी जल संकट से प्रभावित है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले देश में जल प्रबंधन की कमजोर नीतियों का असर किसानों और आम लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में भारत पर आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपने जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई जा रही है।

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