अफगानिस्तान सीमा के पास पाकिस्तान का हमला, 29 आतंकियों के मारे जाने का दावा

कराची आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा से जुड़े इलाकों में बड़ा सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। पाकिस्तान के अनुसार 29 आतंकी मारे गए, जबकि अवैध अफगान नागरिकों के खिलाफ भी 10 जुलाई से अभियान शुरू होगा।;

Update: 2026-06-29 03:32 GMT
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाने का दावा करते हुए कहा है कि अफगानिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों और सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 29 आतंकवादी मारे गए हैं। अभियान ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर हुए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया था।

पहले जमीनी अभियान, फिर हवाई हमले

पाकिस्तानी सरकार के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पहले सीमा से लगे इलाकों में जमीनी अभियान चलाया गया। इसके बाद आतंकियों के ठिकानों पर लक्षित हवाई हमले किए गए। अधिकारियों का दावा है कि अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आतंकियों के ठिकाने नष्ट किए गए और भारी मात्रा में हथियार एवं गोला-बारूद भी बरामद या तबाह किया गया।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई में 29 आतंकवादी मारे गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

अफगानिस्तान के तीन प्रांतों को बनाया निशाना

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि खुफिया इनपुट के आधार पर अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। पाकिस्तान का आरोप है कि इन क्षेत्रों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार के लड़ाके सक्रिय थे।

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि टीटीपी के आतंकी अफगानिस्तान की सीमा के भीतर सुरक्षित ठिकानों से पाकिस्तान में हमलों को अंजाम देते हैं। हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है।

कराची हमले के बाद बढ़ी सैन्य कार्रवाई

यह अभियान कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए हमले के तुरंत बाद सामने आया है। इस हमले में तीन सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकवादी मारे गए और एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अफगान नागरिक है।

कराची हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है। इसके बाद पाकिस्तान ने सीमा पार सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है।

टीटीपी को लेकर पाकिस्तान का रुख

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में पुलिस, सेना और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इस्लामाबाद इन घटनाओं के लिए मुख्य रूप से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को जिम्मेदार ठहराता है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान में मौजूद ठिकानों से इन हमलों की योजना बनाई जाती है, जबकि काबुल सरकार ऐसे आरोपों को निराधार बताती रही है।

10 जुलाई से अवैध अफगान नागरिकों पर अभियान

इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने देश में रह रहे अवैध विदेशी नागरिकों, विशेषकर बिना वैध दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने सभी प्रांतों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और इस्लामाबाद प्रशासन को 10 जुलाई से गिरफ्तारी अभियान चलाने को कहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध विदेशियों की स्वदेश वापसी की योजना (IFRP) के तहत अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को 11 जुलाई से प्रतिदिन कार्रवाई की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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