नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जाएंगे राज्यसभा, भाजपा ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट
देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले राज्यसभा के चुनावों के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और लिस्ट जारी की है।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार बनाए गए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न राज्यों के लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। नितिन नवीन मौजूदा वक्त में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और उनकी उम्मीदवारी बिहार में पार्टी की बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
भाजपा ने पहली सूची की जारी
बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। वहीं, असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा, हरियाणा से संजय भाटिया, ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार के साथ पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है।
37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव
राज्यसभा चुनाव 2026 की नामांकन प्रक्रिया में केवल एक दिन बाकी है। बिहार की 5 सीटों के लिए एनडीए और आरजेडी के बीच मुकाबला है। बिहार समेत 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होने हैं। बिहार की 5 सीटों के लिए अधिसूचना 26 फरवरी को जारी हुई थी। नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। 3 और 4 मार्च को होली की छुट्टी के कारण नामांकन के लिए केवल 5 मार्च का दिन बाकी बचा है।
बिहार से 5 राज्यसभा सदस्य चुने जाएंगे
बिहार से जिन 5 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, प्रेमचंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इनमें हरिवंश और रामनाथ ठाकुर जेडीयू, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी आरजेडी और उपेंद्र कुशवाहा रालोमो के प्रतिनिधि हैं।
विधानसभा चुनाव में 200 से ज्यादा विधायकों के हिसाब से एनडीए के खाते में 5 में से 4 सीटें जाना तय है। उसे 5वीं सीट के लिए 3 अतिरिक्त विधायकों की दरकार होगी। एनडीए में दो सीटें जेडीयू और दो सीटें बीजेपी के पास हैं। 5वीं सीट को लेकर गुणा गणित तेज है। सूत्रों के अनुसार, जदयू से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम तय है। अगर ठाकुर तीसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित होते हैं तो यह जदयू के इतिहास में पहली बार होगा। पार्टी ने किसी नेता को 2 से अधिक कार्यकाल नहीं दिया था।