बसपा में मायावती का बड़ा एक्शन, आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला

बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इससे पहले दोनों नेताओं से विभिन्न राज्यों का प्रभार भी वापस लिया गया था।;

Update: 2026-08-02 07:12 GMT
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने समधी और आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इससे पहले दोनों नेताओं से विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारियां भी वापस ले ली गई थीं।

पहले छीना प्रभार, फिर किया निष्कासन

मायावती ने हाल ही में अशोक सिद्धार्थ से दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का प्रभार वापस ले लिया था। वहीं रणधीर सिंह बेनीवाल को पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया था।

इन प्रशासनिक बदलावों के बाद पार्टी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक घोषणा जारी कर दोनों नेताओं को बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी दी गई।

टिकट वितरण का फैसला खुद करेंगी मायावती

बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन और टिकट वितरण का पूरा अधिकार उनके पास ही रहेगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठकों के दौरान दो दर्जन से अधिक संभावित उम्मीदवारों के नाम तय किए जा चुके हैं और शेष सीटों पर भी अंतिम फैसला वही लेंगी।

मायावती ने कहा कि संगठन और चुनावी रणनीति से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय पार्टी नेतृत्व के स्तर पर लिए जा रहे हैं ताकि चुनावी तैयारियों को मजबूती दी जा सके।

आकाश आनंद को लेकर अफवाहों से सावधान रहने की अपील

मायावती ने अपने बयान में आकाश आनंद को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और अटकलों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद केवल पार्टी द्वारा तय किए गए उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाएं और चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इसका उनके संगठनात्मक पद या राजनीतिक कद से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों और अफवाहों पर विश्वास न करें। उनके अनुसार, ऐसी बातें पार्टी को नुकसान पहुंचाने और भ्रम फैलाने के उद्देश्य से की जा रही हैं।

बसपा प्रमुख ने कहा कि कार्यकर्ताओं को ऐसे शरारती और जातिवादी तत्वों से सतर्क रहने की जरूरत है तथा पार्टी की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में अनुशासन और नेतृत्व को मजबूत करने के लिए बसपा लगातार बड़े फैसले ले रही है।

Tags:    

Similar News