मणिपुर में शांति बहाली के लिए सख्त रणनीति, उपद्रवियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी

मणिपुर में शांति स्थापित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नई कार्ययोजना तैयार की है। सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह ने सुरक्षा बलों को उपद्रवियों और हथियारबंद तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।;

Update: 2026-06-08 04:02 GMT

नई दिल्ली। मणिपुर में लंबे समय से जारी अशांति और हिंसा पर नियंत्रण पाने के लिए केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से तैयार नई रणनीति के तहत राज्य में सक्रिय हथियारबंद समूहों और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने मणिपुर में तैनात अधिकारियों और जवानों के साथ अहम बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

सुरक्षा बलों को दिए स्पष्ट निर्देश

बैठक के दौरान सीआरपीएफ डीजी ने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सुरक्षा बलों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी कार्रवाई को कानूनी और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत पूरी दृढ़ता के साथ अंजाम दिया जाए।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि ड्यूटी के दौरान नियमों के अनुरूप की गई कार्रवाई में जवानों का पूरा समर्थन किया जाएगा। उनका लक्ष्य राज्य में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना है।

दोहरी चुनौती से निपटने की तैयारी

जीपी सिंह ने कहा कि मणिपुर में सुरक्षा एजेंसियों के सामने दो प्रमुख चुनौतियां हैं। पहली चुनौती हथियारबंद उग्रवादी समूहों और अवैध हथियारों का उपयोग करने वाले तत्वों से जुड़ी है। दूसरी चुनौती कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों और ऐसे नेटवर्क से है, जो अशांति फैलाने में मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि इन दोनों मोर्चों पर सुरक्षा बलों को रणनीतिक और समन्वित तरीके से काम करना होगा, ताकि हिंसा की घटनाओं को रोका जा सके और लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सके।

खुफिया तंत्र और निगरानी पर जोर

सीआरपीएफ डीजी ने अधिकारियों को संभावित घटनाओं का पहले से आकलन करने और अग्रिम रणनीति तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को केवल मौजूदा हालात पर नहीं, बल्कि आने वाले 24 घंटे और उससे आगे की संभावित परिस्थितियों पर भी नजर रखनी होगी।

केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां मिलकर संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि समन्वित प्रयासों और प्रभावी सुरक्षा रणनीति के जरिए मणिपुर में शांति बहाली की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है।

सरकार का उद्देश्य राज्य में सामान्य जनजीवन को पटरी पर लाना और हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करना है।

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