कर्नाटक मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा, सीएम डीके शिवकुमार ने संभाला वित्त विभाग; प्रियांक खरगे को मिला गृह मंत्रालय
कर्नाटक की नई कांग्रेस सरकार में विभागों का बंटवारा हो गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वित्त, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग अपने पास रखे हैं, जबकि प्रियांक खरगे को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।;
बेंगलुरु। कर्नाटक में नई कांग्रेस सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी 13 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री ने वित्त, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग अपने पास ही रखे हैं। इसके अलावा जिन विभागों का अभी तक आवंटन नहीं हुआ है, उनका प्रभार भी फिलहाल मुख्यमंत्री के पास रहेगा।
नई सरकार में विभागों के वितरण को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। अंततः कांग्रेस नेतृत्व की सहमति के बाद मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक कार्यों को गति देने और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर विभागों का चयन किया गया है।
प्रियांक खरगे को गृह मंत्रालय, परमेश्वर को राजस्व विभाग
सरकार में अहम जिम्मेदारियों में से एक गृह विभाग कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे को सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) विभाग भी अपने पास बनाए रखे हैं।
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर को राजस्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा युवा सशक्तिकरण और खेल विभाग भी उनके पास रहेगा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह विभाग राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनके जरिए युवाओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
वरिष्ठ नेताओं को मिले पुराने विभाग
मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ नेताओं को उनके पुराने विभाग ही दिए गए हैं। केजे जॉर्ज को ऊर्जा विभाग के साथ पर्यटन विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। एमबी पाटिल बड़े और मध्यम उद्योग विभाग संभालेंगे, जबकि सतीश जारकीहोली लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
केएच मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग दिया गया है, वहीं शरण प्रकाश पाटिल को चिकित्सा शिक्षा विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। रामलिंगा रेड्डी को प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई विभाग मिला है, जबकि बैराठी सुरेश परिवहन विभाग का नेतृत्व करेंगे। यूटी खादर को स्वास्थ्य विभाग सौंपा गया है।
यतींद्र सिद्धारमैया को शहरी विकास विभाग
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया को शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अधीन शहरी जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड, शहरी अवसंरचना विकास एवं वित्त निगम तथा कई विकास प्राधिकरण काम करेंगे। वहीं ईश्वर खंड्रे को ग्रामीण विकास विभाग सौंपा गया है।
कृष्णा बायरे गौड़ा को ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के तहत बेंगलुरु शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में माना जा रहा है।
विभागों के बंटवारे पर असंतोष की चर्चा
विभागों के आवंटन के बाद कांग्रेस के भीतर कुछ असंतोष की खबरें भी सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ मंत्री अपनी पसंद के विभाग नहीं मिलने से नाराज थे। विशेष रूप से रामलिंगा रेड्डी बेंगलुरु विकास विभाग चाहते थे, लेकिन यह जिम्मेदारी कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंप दी गई। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी भी जताई थी।
हालांकि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि विभागों का बंटवारा पार्टी आलाकमान के निर्देशों और सामूहिक सहमति के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी एकजुटता के साथ काम करेगी। साथ ही संकेत दिए कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार का दूसरा चरण भी हो सकता है, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।