झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले अभिजीत दीपके

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है। अभिजीत दीपके ने कहा- "कहते थे क्रांति नहीं होगी, लेकिन सरकार झुक गई।" पढ़ें पूरी खबर।;

Update: 2026-07-25 09:54 GMT

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने समर्थकों के साथ मौजूद दीपके ने कहा कि जो लोग कहते थे कि यह सरकार किसी के आगे नहीं झुकती, आज उन्हें जवाब मिल गया है।

'कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते'

जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, "लोग कहते थे कि इस सरकार में कभी कोई इस्तीफा नहीं होता। मुझसे हर दिन पूछा जाता था कि तुम कब तक धरने पर बैठोगे? 36 दिनों तक लगातार मुझसे सवाल किए गए कि कुछ नहीं बदलने वाला। लेकिन आज साबित हो गया कि झुकती है दुनिया, बस झुकाने वाला चाहिए। जो कहते थे क्रांति नहीं होगी, आज उनके सामने क्रांति हो चुकी है।"

जंतर-मंतर पर समर्थकों का जश्न

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके और उनके सहयोगियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया। दीपके ने पुरानी बातों को याद करते हुए कहा, "जब मैं अमेरिका से भारत के लिए निकला था, तब लोग तंज कसते थे कि वहां जाने से क्या होगा? लेकिन आज हमारे संघर्ष की जीत हुई है और धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा।"

छात्र हित और देश की एकता का दिया हवाला

दूसरी ओर, इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया अपना पत्र सार्वजनिक किया है। उन्होंने पत्र में लिखा कि देश-विरोधी तत्व जंतर-मंतर और देशभर में बन रहे माहौल का गलत फायदा न उठा सकें, इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। प्रधान ने कहा कि देश की एकजुटता बनाए रखने और भारत के छात्रों के भविष्य को कानूनी अड़चनों से बचाने के लिए उन्होंने नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा सौंपा है।

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