पाकिस्तान के कराची में बड़ा आतंकी हमला, मुठभेड़ में 4 सुरक्षाकर्मी और 5 आतंकी मारे गए, जानें- कैसे रची गई हमले की साजिश

कराची में सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ। विस्फोटकों से भरे वाहन के जरिए हमले के बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।;

Update: 2026-06-28 05:00 GMT
कराची।पाकिस्तान के आर्थिक केंद्र कराची में शनिवार रात एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जब भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के मुख्यालय को निशाना बनाया। हमलावरों ने विस्फोटकों से भरे वाहन से मुख्य प्रवेश द्वार को टक्कर मारने के बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में कई आतंकी मारे गए, जबकि रेंजर्स के जवानों की भी जान गई। हमले के बाद पूरे इलाके को घेरकर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में हताहतों की संख्या अलग-अलग बताई गई है।

विस्फोटक वाहन से मुख्य गेट तोड़ने की कोशिश

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमला रात करीब 8:30 बजे गुलिस्तान-ए-जौहर स्थित सिंध रेंजर्स परिसर पर किया गया। आतंकियों ने पहले विस्फोटकों से भरे वाहन को मुख्य गेट से टकराया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इसके तुरंत बाद हथियारबंद हमलावर परिसर में घुसने की कोशिश करते हुए लगातार फायरिंग और ग्रेनेड हमले करने लगे।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों और गोलीबारी की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतें भी हिल गईं।

सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच चली मुठभेड़

हमले की सूचना मिलते ही कराची पुलिस, सिंध रेंजर्स, स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट और आतंकवाद निरोधक बल मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी मुठभेड़ हुई।

कुछ रिपोर्टों के अनुसार मुठभेड़ लगभग 90 मिनट तक चली, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने हमले को विफल कर दिया। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों के हताहतों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में चार रेंजर्स और छह आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है, जबकि अन्य आधिकारिक स्रोतों ने कम संख्या की पुष्टि की है।

जमात-उल-अहरार ने ली जिम्मेदारी

हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है, जिसे पाकिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़ा गुट माना जाता है। संगठन ने दावा किया कि हमले में उसके कई लड़ाके शामिल थे, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

हमले के बाद गुलिस्तान-ए-जौहर, यूनिवर्सिटी रोड और आसपास के संवेदनशील इलाकों को सुरक्षा एजेंसियों ने सील कर दिया। बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीमों को मौके पर बुलाया गया, जबकि संदिग्धों की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

सिंध सरकार ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और सुरक्षा एजेंसियों को हमले की साजिश, हमलावरों के नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

पाकिस्तान में बढ़ रही आतंकी चुनौती

हाल के वर्षों में पाकिस्तान के बड़े शहरों में आतंकी घटनाओं में कमी आई थी, लेकिन अफगानिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियों के बीच एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। कराची जैसे प्रमुख शहर में इस तरह का हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।

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