ईरान पर इजरायल का जवाबी हमला, पश्चिम एशिया में बढ़ी जंग की आशंका; कई शहरों में धमाके

इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने भी मिसाइल दागकर जवाब दिया। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया में नई चिंता पैदा कर दी है।;

Update: 2026-06-08 03:08 GMT

तेहरान। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने क्षेत्र में युद्ध की आशंकाओं को तेज कर दिया है। सोमवार को इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक इलाकों पर हवाई हमले किए, जबकि इससे पहले ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागी थीं। दोनों देशों की जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।

ईरान के कई शहरों में धमाकों की गूंज

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इश्फाहान, तबरीज और राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। पश्चिमी तेहरान के करज इलाके में भी धमाकों की खबर सामने आई है। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने दावा किया कि वायुसेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है।

हमलों के बाद ईरान ने सुरक्षा कारणों से तेहरान स्थित इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और यातायात पर भी असर पड़ा है।

युद्धविराम की कोशिशों को लगा झटका

इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्र में शांति स्थापित करने की कोशिशों को भी प्रभावित किया है। पिछले कुछ समय से विभिन्न देशों की मध्यस्थता के जरिए तनाव कम करने और संभावित समझौते की दिशा में बातचीत चल रही थी, लेकिन ताजा हमलों के बाद हालात और जटिल हो गए हैं।

ट्रंप ने संयम बरतने की दी थी सलाह

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की थी। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने ईरान की मिसाइल कार्रवाई के जवाब में सैन्य प्रतिक्रिया से बचने की अपील की थी।

रविवार को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर ठोस कदम उठाने होंगे। ट्रंप ने कहा कि जब तक स्थायी समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

मिसाइल हमलों से बढ़ी चिंता

इजरायल का कहना है कि अप्रैल में लागू हुए नाजुक युद्धविराम के बाद पहली बार ईरान की ओर से मिसाइल हमले किए गए हैं। इसके बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है। वहीं, इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में भी कार्रवाई की। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि यह हमला हिजबुल्ला की ओर से उत्तरी इजरायल पर हुई बमबारी के जवाब में किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस क्षेत्र के तेजी से बदलते घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

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