भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मिल सकती है अंतिम मंजूरी, इस हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इस सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां द्विपक्षीय व्यापार समझौते और अंतरिम डील पर अहम चर्चा होगी।;
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement-BTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर इस सप्ताह भारत दौरे पर आने वाले हैं, जहां वे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने 21 जून को इस दौरे की पुष्टि की। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस महत्वपूर्ण यात्रा की जानकारी साझा की है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते और संयुक्त बयान को लेकर व्यापक चर्चा होगी।
मोदी-ट्रंप मुलाकात के बाद बढ़ी वार्ता की रफ्तार
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, निवेश और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
अमेरिका की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जेमिसन ग्रीर का भारत दौरा फरवरी 2025 में मोदी और ट्रंप के बीच हुई बैठक के बाद शुरू हुई व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारी लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने और समझौते को अंतिम रूप देने की रणनीति पर विचार करेंगे।
अब तक कहां पहुंची है ट्रेड डील?
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई है, लेकिन व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है। दोनों पक्ष पिछले कई महीनों से विभिन्न व्यापारिक मुद्दों पर लगातार बातचीत कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, भारत अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए कुछ शुल्कों में कमी को लेकर चर्चा कर सकता है। वहीं अमेरिका भारतीय बाजार में कृषि और खाद्य उत्पादों को अधिक पहुंच देने की मांग उठा सकता है। इसके अलावा डिजिटल व्यापार, निवेश संरक्षण, सप्लाई चेन सहयोग और बाजार पहुंच जैसे विषय भी वार्ता के एजेंडे में शामिल रह सकते हैं।
क्यों अहम माना जा रहा है यह दौरा?
भारत और अमेरिका वर्तमान में एक-दूसरे के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक के स्तर तक पहुंच चुका है। दोनों सरकारों का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस आंकड़े को और बढ़ाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेमिसन ग्रीर की भारत यात्रा से व्यापार वार्ता को नई गति मिल सकती है। यदि लंबित मुद्दों पर सहमति बनती है तो भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है, जिससे निवेश, निर्यात और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को देखते हुए यह बैठक आने वाले समय में वैश्विक व्यापार पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।