नेपाल की तबाही में भारत का फुल सपोर्ट, राहत सामग्री के साथ फॉरेंसिक और रेस्क्यू टीमें भी उतरीं
नेपाल की भीषण बाढ़ के बाद भारत ने राहत सामग्री के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञ और रेस्क्यू टीमें भेजी हैं। भारतीय दल डीएनए जांच और सुरंगों में बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं।;
नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। संकट की इस घड़ी में भारत ने पड़ोसी देश के साथ खड़े रहते हुए राहत और बचाव अभियान में व्यापक सहयोग शुरू किया है। भारत की ओर से नेपाल को केवल राहत सामग्री ही नहीं भेजी जा रही, बल्कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ, तकनीकी कर्मचारी और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमें भी अभियान में शामिल हैं। इन भारतीय दलों की मदद से मृतकों की पहचान से लेकर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश तक कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए जा रहे हैं।
डीएनए जांच से मृतकों की पहचान में मदद
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारतीय सहायता दल की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत से पहुंचे फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने नेपाल पुलिस की केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के नेपाली विशेषज्ञों के साथ बैठक की है।
भारतीय फॉरेंसिक टीम रसुवा क्षेत्र में आई बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल के विश्लेषण में सहयोग कर रही है। बड़ी आपदाओं के बाद कई शवों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में डीएनए जांच पीड़ित परिवारों को उनके परिजनों की पहचान कराने में अहम भूमिका निभाती है।
सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश में तकनीकी मदद
भारत ने जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में खोज और बचाव अभियान के लिए भी विशेष तकनीकी दल नेपाल भेजा है। भारतीय टीम नेपाली सेना के साथ समन्वय कर चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र में सुरंगों से जुड़े बचाव अभियानों में सहयोग कर रही है।
सुरंगों में मलबा और पानी भरने के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे अभियानों के लिए विशेष मशीनरी, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रशिक्षित कर्मियों की जरूरत होती है। भारतीय दल इन्हीं क्षमताओं के जरिए नेपाली सुरक्षा बलों की मदद कर रहा है।
चौथी राहत उड़ान से 11 टन सामग्री पहुंची
नेपाल में राहत अभियान को मजबूत करने के लिए भारत की चौथी राहत उड़ान भी काठमांडू पहुंची। इस उड़ान के जरिए करीब 11 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल हैं।
इसी उड़ान से सुरंग खोज एवं बचाव अभियान के लिए अतिरिक्त तकनीकी दल और उपकरण भी नेपाल पहुंचाए गए। साथ ही डीएनए विश्लेषण के लिए जरूरी फॉरेंसिक उपकरण और विशेषज्ञ भी भेजे गए हैं।
मुश्किल वक्त में नेपाल के साथ भारत
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। भारतीय टीमें राहत सामग्री पहुंचाने के साथ मृतकों की पहचान और लापता लोगों की तलाश जैसे संवेदनशील कार्यों में भी सहयोग कर रही हैं।
भारत ने संकेत दिया है कि नेपाल में जारी राहत और बचाव प्रयासों में उसका सहयोग आगे भी जारी रहेगा। आपदा की इस घड़ी में भारत की सक्रिय भागीदारी दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग और आपसी भरोसे को भी दर्शाती है।