नई दिल्ली: सोशल एक्टिविस्ट और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े एक अहम पहलू पर अपनी राय रखी है। एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि CJP के संस्थापकों में राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हो सकती हैं। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत आकलन है और संस्थापकों ने उनसे सीधे तौर पर ऐसी कोई बात नहीं कही है। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान CJP के संस्थापकों के साथ काम करने के अपने अनुभव का हवाला देते हुए वांगचुक ने कहा कि उन्हें लगता है कि संगठन से जुड़े युवा आगे चलकर या तो मौजूदा राजनीतिक दलों में शामिल हो सकते हैं या अपनी राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं।
‘उन्हें राजनीतिक महत्वाकांक्षा है तो इसमें बुराई नहीं’
सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने CJP के संस्थापकों को करीब से देखा है और अपने अनुभव के आधार पर उन्हें लगता है कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इसमें उन्हें कुछ गलत नजर नहीं आता। वांगचुक के मुताबिक, संस्थापकों ने कभी उनसे सीधे यह नहीं कहा कि वे राजनीति में जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह उन्हें ऐसे ‘संत’ नहीं मानते, जिनकी कोई राजनीतिक इच्छा या भविष्य की योजना नहीं है। उन्होंने दोहराया कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना अपने आप में गलत बात नहीं है। उनका कहना था कि संभव है कि भविष्य में CJP से जुड़े कुछ युवा मौजूदा राजनीतिक दलों के साथ काम करें या अपनी राजनीतिक राह तैयार करें।
Sonam Wangchuk -
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) August 30, 2026
"Abhijeet Dipke, Sourav Das, Ashutosh Ranka have political ambitions. I have assessed them"
"They have come from Political Party, Aam Aadmi Party"
"I can't guarantee that they won't be corruptable in future"
"They are definitely not Saints who don't have any…
‘पहले किसी पार्टी से जुड़े होना गलत नहीं’
वांगचुक ने CJP के कुछ सदस्यों के पूर्व राजनीतिक जुड़ाव को लेकर उठने वाले सवालों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि संगठन से जुड़े कुछ लोग पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। हालांकि, वांगचुक ने कहा कि वह किसी व्यक्ति के अतीत को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं होते। उनके मुताबिक, किसी राजनीतिक दल के साथ पहले काम कर चुका होना अपने आप में गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक राजनीतिक महत्वाकांक्षा की बात है, उन्होंने CJP के संस्थापकों को करीब से परखा है और अपने अनुभव के आधार पर उन्हें लगता है कि उनमें ऐसी महत्वाकांक्षा मौजूद है। उन्होंने फिर स्पष्ट किया कि उनके लिए राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना कोई नकारात्मक बात नहीं है।
विदेशी फॉलोअर्स को लेकर भी दी सफाई
CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में अमेरिका, पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोगों की मौजूदगी को लेकर उठे सवाल पर भी सोनम वांगचुक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि लद्दाख प्रशासन की ओर से भी उन्हें पाकिस्तान और बांग्लादेश से फॉलोअर्स होने को लेकर सावधान किया गया था। वांगचुक के मुताबिक, जब उन्होंने CJP के फॉलोअर्स के आंकड़ों का विश्लेषण किया तो पता चला कि करीब 94 फीसदी फॉलोअर्स भारत से हैं, जबकि लगभग 6 फीसदी फॉलोअर्स विदेशों से हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह अनुपात बहुत अलग होता और विदेशी फॉलोअर्स की संख्या काफी अधिक होती, तो वह संगठन के समर्थन को लेकर दोबारा सोच सकते थे। लेकिन आंकड़ों के विश्लेषण के बाद उन्होंने CJP के आंदोलन का समर्थन किया।
‘गिरफ्तारी हुई तो भूख हड़ताल करूंगा’
वांगचुक ने बताया कि उन्होंने CJP के नेताओं से कहा था कि जब वे दिल्ली में प्रदर्शन के लिए आएंगे तो वह भी उनके साथ खड़े होंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर प्रदर्शन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे। वांगचुक के मुताबिक, यह उनका तरीका था जिससे वह आंदोलन को समर्थन और सुरक्षा का एक तरह का ‘कवर’ दे सकें।
छात्र आंदोलन को राजनीतिक एजेंडे से दूर रखने पर जोर
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर चले करीब दो महीने लंबे विरोध प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक ने CJP के संस्थापकों अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ काम किया था। वांगचुक ने कहा कि उन्होंने CJP के संस्थापकों से स्पष्ट तौर पर कहा था कि वे भविष्य में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर काम कर सकते हैं, लेकिन छात्र आंदोलन को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे से दूर रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, आंदोलन के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया और उन्हें खुशी है कि उन्होंने इसी तरीके को अपनाया। वांगचुक ने कहा कि किसी व्यक्ति की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और किसी छात्र आंदोलन के उद्देश्य को अलग रखना जरूरी है, ताकि आंदोलन का मूल मुद्दा राजनीतिक हितों के बीच न खो जाए।