सीजफायर पर भारत का पहला बयान: कहा- ईरान में जंग रुकने का स्वागत, पश्चिम एशिया में शांति बरकरार रहने की आशा

ईरान के साथ अमेरिका-इस्राइल की बातचीत के बाद दो हफ्तों के युद्धविराम का एलान किया जा चुका है। भारत सरकार की ओर से इस युद्धविराम का स्वागत किया गया है। इस बीच भारत सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ईरान में भारतीय दूतावास की ओर से नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी गई है।

Update: 2026-04-08 08:37 GMT

नई दिल्ली।अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के एलान से कूटनीतिक हल का निकलने का रास्ता नजर आने लगा है। इस युद्धविराम पर भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इस युद्धविराम का स्वागत किया गया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम इस युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी कई बार कहा है, मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति आवश्यक हैं।''

भारत ने कहा, ''इस संघर्ष ने लोगों को भारी पीड़ा पहुंचाई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति एवं व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हम आशा करते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।"

भारतीय नागरिकों को एडवाइजरी- ईरान से तुरंत निकल जाएं

तेहरान में भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक ताजा एडवाइजरी जारी करके वहां अभी भी मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि क्षेत्र में सुरक्षा हालातों की अनिश्चितता को देखते हुए वे जितनी जल्दी हो सके ईरान छोड़ दें। भारतीय दूतावास की ओर से अपने नागरिकों को जारी एडवाइजरी में इस बात पर जोर दिया गया है कि किसी भी सूरत में वह खुद से बिना पूर्व मंजूरी के सीमा पर स्वतंत्र रूप से यात्रा करने से बचें।

अमेरिका-ईरान में सीजफायर के बाद एडवाइजरी क्यों

  • अमेरिका और ईरान के बीच जो दो हफ्तों की सीजफायर की घोषणा की गई है, उसमें कई सारे विरोधाभास हैं।
  • सीजफायर की घोषणा में ही अमेरिका और ईरान की ओर से किए गए दावे अलग-अलग हैं।
  • खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों ओर से अलग जानकारी दी गई है, इससे इस युद्धविराम को लेकर संदेह पैदा हुआ है।
  • युद्धविराम के बावजूद इजरायल ने कहा है कि वह लेबनान पर हमले बंद नहीं करेगा।
  • युद्धविराम में जिस तरह से चीन की ओर से मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान को चेहरा बनाने की कोशिश की गई है, उससे कई तरह की आशंकाएं खड़ी हुई हैं।
  • सीजफायर को अमेरिका अपनी जीत की तरह पेश कर रहा है, वहीं ईरान का दावा है कि उसने एक तरह से अमेरिका को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है।
  • ईरान ने सीजफायर के बाद भी धमकी दी है कि 'हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं।'
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