अभिनेता इमरान खान को बड़ी राहत: 'भारत छोड़ो' नोटिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 नवंबर तक लगाई रोक; जानिए क्या है पूरा मामला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता इमरान खान को मिले 'भारत छोड़ो' नोटिस पर 2 नवंबर तक अंतरिम रोक लगा दी है। CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर FRRO ने जारी किया था लीव इंडिया नोटिस।;

Update: 2026-10-27 10:52 GMT

मुंबई।मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद विवादों में आए अभिनेता इमरान खान को अदालत से बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा उन्हें जारी किए गए 'लीव इंडिया' (भारत छोड़ो) नोटिस पर 2 नवंबर तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट की बेंच ने सुनाया फैसला

मंगलवार को चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिविजन बेंच ने इमरान खान की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस और एफआरआरओ को निर्देश दिया कि 2 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अभिनेता के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या निष्कासन से जुड़ी कार्रवाई न की जाए। इससे पहले सोमवार को प्रस्तावित सुनवाई टल गई थी, जिसके बाद 27 अक्टूबर को इस मामले में आदेश आया।

अमेरिकी नागरिकता और OCI कार्ड का विवाद

इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं, बल्कि उनके पास अमेरिकी नागरिकता (US Citizenship) है और वे ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक हैं।

FRRO का कारण बताओ नोटिस: एफआरआरओ ने इमरान खान को एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि भारत विरोधी या राजनीतिक प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण उनका OCI कार्ड रद्द क्यों न किया जाए।

इमिग्रेशन एक्ट के तहत कार्रवाई: मुंबई पुलिस और इमिग्रेशन विभाग ने इमिग्रेशन एक्ट की धारा 7 और 29 के तहत विदेशी नागरिक होकर भारत में राजनीतिक व प्रशासनिक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने पर यह कदम उठाया है।

इमरान खान की याचिका में क्या दलील दी गई?

इमरान खान की ओर से उनके वकील जुल्फिकार मेमन और उनकी लीगल टीम ने याचिका दायर कर नोटिस को 'गैरकानूनी और मनमाना' बताया। याचिका में कहा गया कि वर्तमान भारतीय कानूनों में ऐसा कोई स्पष्ट नियम नहीं है जो किसी OCI कार्डधारक को देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने से रोकता हो। इसके अलावा, एफआरआरओ ने उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए बिना ही 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का एकतरफा फरमान सुना दिया। फिलहाल, हाईकोर्ट के फैसले के बाद इमरान खान को अस्थायी राहत मिल गई है।

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