दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; बारिश का अलर्ट
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में गुरुवार से मौसम बदलने का अनुमान है। IMD ने 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।;
नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में गुरुवार सुबह से बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों के दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है।
दिल्ली के अलावा गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम में भी मौसम बदलने का अनुमान है। इसके चलते तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने की संभावना है।
कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
IMD के अनुसार, उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही पंजाब और राजस्थान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में भी कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
इन अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में बादल और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
दिल्ली-NCR और यूपी में कब तक बारिश?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम के अलावा हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 20 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में 19 सितंबर तक छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में गुरुवार को भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 सितंबर तक बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली चमकने की आशंका भी जताई गई है।
इस बीच जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में गुरुवार सुबह आंधी के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम और प्रशासन की सलाह पर नजर रखने की जरूरत होगी।