महाराष्ट्र में में दर्दनाक घटना, बेटे को बचाने की कोशिश में माता-पिता की भी मौत

छत्रपति संभाजीनगर में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत से हड़कंप मच गया। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई जा रही है।;

Update: 2026-08-21 11:01 GMT
मुंबई। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, परिवार का 18 वर्षीय बेटा पहाड़ी क्षेत्र में गंभीर संकट की स्थिति में था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे काफी देर तक समझाने और सुरक्षित वापस लाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति को संभाला नहीं जा सका। बेटे को बचाने के प्रयास में उसके पिता की भी जान चली गई और इसके बाद मां की भी मृत्यु हो गई।

घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

तीन घंटे तक बेटे को समझाते रहे परिजन और ग्रामीण

जानकारी के अनुसार, परिवार देवलाई इलाके का रहने वाला था। शुक्रवार सुबह परिवार के सदस्य पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचे थे। वहां युवक बेहद परेशान नजर आ रहा था। परिजनों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों ने भी उससे बातचीत कर उसे शांत करने की कोशिश की।

बताया जा रहा है कि करीब तीन घंटे तक लोग युवक को समझाते रहे। उसे अपने भविष्य और परिवार के बारे में सोचने के लिए कहा गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने स्थिति को नियंत्रित करने और युवक को सुरक्षित स्थान पर लाने का प्रयास किया।

बचाने की कोशिश में पिता की भी गई जान

काफी देर तक समझाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक को सुरक्षित करने के प्रयास में उसके पिता भी उसके पास पहुंचे। इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पहाड़ी क्षेत्र में नीचे गिर गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई।

इस घटना के तुरंत बाद परिवार की मां भी गंभीर सदमे में आ गईं। कुछ ही समय में उनकी भी मौत हो गई। इस तरह एक ही घटना में परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई।

घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक किस वजह से परेशान था और घटना से पहले परिवार के साथ उसकी क्या बातचीत हुई थी। घटनास्थल से जुड़ी परिस्थितियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं।

घटना से संबंधित कुछ वीडियो सामने आने की बात कही जा रही है, लेकिन ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा सकती है कि वे घटना के वीडियो साझा करने के बजाय परिवार की निजता और संवेदनशीलता का सम्मान करें।

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