‘यूपी-बिहार वाले हिंदी न थोपें, वरना पड़ेगी लात’…चुनावी सभा के दौरान राज ठाकरे ने दिया विवादित बयान
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में यूपी-बिहार के लोगों के खिलाफ नफरती भाषण दिया है। उद्धव ठाकरे के साथ साझा रैली में हिंदी का विरोध करते हुए उन्होंने यूपी और बिहार के लोगों को लात मारने की बात कही।
मुंबई। बीएमसी चुनाव की वोटिंग के लिए 3 दिन बाकी हैं और राज ठाकरे ने अपने चिर-परिचित हिंदी और हिंदी भाषी उत्तर भारतीयों को लात मारने वाला भाषण दे ही दिया। शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे के साथ संयुक्त रैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने यूपी-बिहार के लोगों पर हिंदी थोपने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी।
राज ठाकरे ने कहा कि यूपी और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है। मुझे भाषा से कोई नफरत नहीं है। लेकिन अगर इसे थोपने की कोशिश करेंगे, तो मैं आपको लात मारूंगा। उनके इस बयान पर भीड़ ने जोरदार तालियां बजाईं।
ठाकरे ब्रदर्स ने खेला मराठी अस्मिता वाला दांव
15 जनवरी को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों से राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मराठी अस्मिता का दांव चलते हुए हिंदी विरोध की राजनीति को हवा दे दी है। दोनों नेताओं ने भाजपा पर मुंबई में हिंदी के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव को मराठी अस्मिता से जोड़ दिया।
हिंदी भाषियों पर हमला करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि वे हर तरफ से महाराष्ट्र आ रहे हैं और आपका हिस्सा छीन रहे हैं। अगर जमीन और भाषा चली गई, तो आप खत्म हो जाएंगे। उन्होंने मराठी लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया। राज ठाकरे ने कहा कि बीएमी चुनाव मराठियों के लिए आखिरी चुनाव है। अगर आज यह मौका गंवा दिया, तो आप खत्म हो जाएंगे। मराठी और महाराष्ट्र के लिए एकजुट हों।
भाजपा पर लगाए मुंबई को लूटने का आरोप
राज ठाकरे ने त्रिभाषा फॉर्मूला और कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी भाषा के खिलाफ कोई गुस्सा नहीं है, बल्कि उसके थोपने के खिलाफ है। दोनों चचेरे भाइयों ने भाजपा पर मुंबई को लूटने और शहर को गुजरात के आर्थिक दायरे में लाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर बीएमसी हमारे साथ है, तो वे जमीन अदाणी को नहीं बेच सकते।
अन्नामलाई के बयान को भी उद्धव ने बनाया मुद्दा
रैली में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने मराठी मानूस, हिंदुओं और महाराष्ट्र के लिए अपने मतभेदों को एक तरफ रख दिया है। उन्होंन भाजपा पर नकली हिंदुत्व और हर चुनाव से पहले विभाजनकारी राजनीति खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने तमिलनाडु भाजपा नेता के. अन्नामलाई की कमेंट को लेकर बीजेपी को आड़े हाथ लिया। अन्नामलाई ने कहा था कि बॉम्बे महाराष्ट्र का शहर नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय शहर है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस टिप्पणी ने भाजपा के असली इरादों को उजागर कर दिया है और सवाल किया कि क्या पार्टी मुंबई का नाम बदलकर बॉम्बे करना चाहती है। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछली शिवसेना-भाजपा सरकार के दौरान बीएमसी में 3 लाख करोड़ रुपये के अनियमितताएं हुईं।