यूपी में जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, ड्राइवर को 5 लाख की सामाजिक सुरक्षा; किसानों को 6% ब्याज पर मिलेगा लोन
यूपी में भारत टैक्सी की शुरुआत हुई। जीरो कमीशन मॉडल से जुड़ने वाले ड्राइवरों को 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा मिलेगी, जबकि किसानों के LDB ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर 6% की गई।;
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में टैक्सी चालकों और किसानों के लिए सरकार ने दो बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। भारत टैक्सी के तहत टैक्सी, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन कराकर जीरो कमीशन मॉडल से जुड़ सकेंगे। योजना से जुड़े चालकों को 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा देने की बात कही गई है।
वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक (LDB) से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी गई है। सरकार ने आने वाले वर्षों में 5 लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा है।
भारत टैक्सी में जीरो कमीशन, ड्राइवर को सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की सेवा नहीं होगी, बल्कि इससे ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा और रोजगार का बेहतर आधार मिल सकता है। उनके मुताबिक टैक्सी, बाइक और थ्री-व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के बाद जीरो कमीशन पर प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे।
भारत टैक्सी का संचालन फिलहाल लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू किया गया है। कार्यक्रम के दौरान लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते भी किए गए।
महाकुंभ में रैपिडो का उदाहरण देकर समझाया मॉडल
सीएम योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं ने बाइक के जरिए श्रद्धालुओं को संगम, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में मदद की थी। उनके अनुसार इससे यात्रियों को परिवहन सुविधा मिली और यातायात पर भी अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा।
मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारत टैक्सी की तर्ज पर बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे ग्रामीण इलाकों के लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं।
किसानों को 11 की जगह 6% ब्याज पर कर्ज
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का दूसरा बड़ा हिस्सा किसानों को सस्ता दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, जिसे अब घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया है।
यह ऋण खेती-बाड़ी और कृषि मशीनरी जैसी जरूरतों के लिए लिया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में 5 लाख लघु और सीमांत किसानों को योजना से जोड़ना है।
सरकार ने गिनाईं किसान कल्याण की उपलब्धियां
कार्यक्रम में सीएम योगी ने दावा किया कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त होने का दावा किया गया। गन्ना किसानों को भुगतान के संबंध में उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 3.30 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
सहकारिता को डिजिटल बनाने पर भी जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल, उर्वरक सेतु मोबाइल एप और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर (UPCDC) के मोबाइल एप की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र और कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी दिए।
मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत सहकारी व्यवस्था किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर आधार दे सकती है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री ने भारत टैक्सी को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।