बंगाल में राजनीतिक हिंसा के पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देंगे शुभेंदु अधिकारी, 25 साल के मामलों को मिलेगा लाभ

पश्चिम बंगाल में पिछले 25 वर्षों की चुनावी और राजनीतिक हिंसा में मारे गए लोगों के पात्र परिजनों को सरकारी नौकरी देने की तैयारी। जानें आवेदन प्रक्रिया और योजना से जुड़ी अहम बातें।;

Update: 2026-10-30 11:03 GMT
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए राज्य सरकार एक अहम योजना लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत पिछले 25 वर्षों के दौरान चुनावी या चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी दी जा सकती है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य हिंसा में अपनों को खो चुके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और सहारा देना है।

राज्य सचिवालय नबन्ना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित नीति के दायरे में लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों के दौरान या उनके बाद हुई हिंसक घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को शामिल किया जाएगा। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए परिवारों को निर्धारित पात्रता और जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।

2019 और 2021 की हिंसा के पीड़ित परिवार भी होंगे शामिल

प्रस्तावित योजना में पिछले ढाई दशकों के दौरान राज्य में हुए प्रमुख चुनावों से जुड़ी राजनीतिक हिंसा के मामलों को शामिल करने की तैयारी है। इसमें 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को भी लाभ मिल सकता है।

इसके अलावा पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हुई राजनीतिक झड़पों में जान गंवाने वाले लोगों के पात्र परिजन भी योजना के दायरे में आ सकते हैं। सरकार का मकसद उन परिवारों तक सहायता पहुंचाना है, जो लंबे समय से राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रहे हैं।

जिला प्रशासन के जरिए करना होगा आवेदन

सूत्रों के अनुसार, योजना को लागू करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही आधिकारिक विज्ञापन जारी कर सकती है। इसके बाद प्रभावित परिवारों को संबंधित जिला प्रशासन के माध्यम से आवेदन करना होगा।

आवेदन के साथ मृतक की मौत से जुड़ी परिस्थितियों, घटना की तारीख, स्थान और पूरी जानकारी के प्रमाणित दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके बाद जिला प्रशासन और संबंधित सरकारी अधिकारियों की टीम आवेदनों की जांच करेगी। दावों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। जांच में पात्रता और दावे सही पाए जाने पर परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति पत्र दिया जा सकेगा।

कैबिनेट और कानून विभाग से मंजूरी का दावा

नबन्ना के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस नीतिगत प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही कानून विभाग ने भी योजना को हरी झंडी दे दी है।

सरकार की ओर से अभी औपचारिक घोषणा और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होना बाकी है। आधिकारिक विज्ञापन आने के बाद ही पात्रता, आवेदन की समय-सीमा और नौकरी से संबंधित अन्य शर्तों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

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