असम चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी; महिलाओं को ₹3000 मासिक, यूसीसी करेंगे लागू
असम विधानसभा चुनावों से पहले गुवाहाटी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा का घोषणापत्र जारी किया। घोषणापत्र में 31 वादों को शामिल किया गया है।
गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा का घोषणापत्र गुवाहाटी में जारी किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया भी मौजूद थे।
घोषणापत्र में 31 प्रमुख वादों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भाजपा असम को सबसे उज्ज्वल राज्य बनाने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने और कथित लव जिहाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने का वादा किया।
महिला कल्याण और वित्तीय योजनाएं
घोषणापत्र के अनुसार, महिलाओं के लिए ओरुनोडोई योजना के तहत मासिक सहायता राशि 1,250 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये की जाएगी। इसके अलावा, लाखपती दीदी योजना के तहत 40 लाख महिलाओं को 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया है।
विकास और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में 2 लाख नई नौकरियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही, हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय और एक इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने का भी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू करने का भी वादा किया।
भाजपा का मुख्य एजेंडा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भाजपा ने असम में पिछले दस वर्षों में जो विकास कार्य किए, वह कांग्रेस 60 वर्षों में नहीं कर पाई। भाजपा का घोषणापत्र असम के लिए एक दशक की परिवर्तन यात्रा पर आधारित है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों में किए गए ठोस कामों का जिक्र किया गया है।
असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य असम को सुरक्षित और विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने बताया कि घोषणापत्र तैयार करने के लिए पूरे राज्य से 2.45 लाख सुझाव प्राप्त किए गए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पिछले दस वर्षों में असम में स्थिरता और विकास लाने में सफल रही है, जबकि कांग्रेस का फोकस लंबी अवधि के विकास पर कभी नहीं रहा।
कांग्रेस पर निशाना
सीतारमण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उत्तर-पूर्व क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीतियों के कारण असम को 32 साल तक AFSPA के तहत रहना पड़ा, जबकि भाजपा शासन में राज्य में शांति स्थापित हुई और विकास के रास्ते खुल गए।
9 अप्रैल को होगा मतदान
गौरतलब है कि असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा। मतगणना 4 मई को निर्धारित है। भाजपा, असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। भाजपा का लक्ष्य एनडीए की तीसरी लगातार जीत सुनिश्चित करना है, जबकि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रही है।