आर्टिकल 370 हटने के 7 साल पूरे, पीएम मोदी बोले- हर नागरिक को मिले संवैधानिक अधिकार; जम्मू-कश्मीर में विरोध भी तेज
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास तथा संवैधानिक अधिकारों की बात कही। वहीं घाटी में PDP और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विरोध प्रदर्शन किया।;
PM मोदी बोले- विकास और समान अधिकारों का नया दौर शुरू हुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा संदेश में कहा कि सात वर्ष पहले आज के दिन अनुच्छेद 370 और 35ए इतिहास का हिस्सा बन गए थे। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास की नई यात्रा शुरू हुई।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में क्षेत्र में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री के अनुसार महिलाओं, अनुसूचित वर्गों, वंचित समुदायों और उन लोगों को भी संवैधानिक अधिकारों का लाभ मिला, जो लंबे समय तक इन अधिकारों से वंचित रहे थे।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 5 अगस्त का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता के लिए मुखर्जी का योगदान और उनका विजन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर नागरिक को आगे बढ़ने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का अवसर मिल सके।
घाटी में PDP और नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध प्रदर्शन
दूसरी ओर, अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ पर जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने श्रीनगर में प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की।
पीडीपी ने 5 अगस्त 2019 के फैसले के विरोध में घाटीभर में कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया था। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेताओं और सांसदों ने भी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया और फैसले पर पुनर्विचार की मांग दोहराई।
भाजपा नेताओं ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
दिल्ली में भी इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भाजपा नेताओं ने अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को राष्ट्रीय एकता और विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। कई नेताओं ने कहा कि इस निर्णय के बाद जम्मू-कश्मीर में निवेश, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिली है।
वहीं विपक्षी दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी अलग राय रखते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए।
पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों ने मनाया जश्न
जम्मू के कनाचक क्षेत्र में पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ को उत्सव के रूप में मनाया। स्थानीय लोगों ने इसे समान अधिकार मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए खुशी जाहिर की।
अनुच्छेद 370 हटाने का मुद्दा सात साल बाद भी देश की राजनीति और सार्वजनिक विमर्श का प्रमुख विषय बना हुआ है। जहां केंद्र सरकार इसे विकास और समान अधिकारों की दिशा में बड़ा फैसला मानती है, वहीं कई विपक्षी दल अब भी इसके विरोध में अपनी राजनीतिक आवाज बुलंद कर रहे हैं।