लोकसभा में अमित शाह का बड़ा बयान: नक्सलवाद खत्म, आदिवासियों को मिला असली न्याय

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि देश में नक्सलवाद की जड़ें खत्म हो रही हैं और आदिवासियों को अब वास्तविक न्याय मिल रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर समस्या को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और मोदी सरकार की नीतियों को बदलाव का कारण बताया।

Update: 2026-03-30 13:35 GMT

नई दिल्ली। लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रेड कॉरिडोर के 12 राज्यों और आदिवासी समाज की ओर से वह इस बहस के लिए धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्षों से चाहते थे कि उनकी स्थिति संसद में उठे और पूरी दुनिया सच्चाई जाने, लेकिन उन्हें लंबे समय तक यह मौका नहीं मिला। अब उनकी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर पहुंची है।

अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कई आदिवासी सांसद वोट के लालच में कांग्रेस के साथ खड़े रहे, लेकिन उन्होंने अपने समाज के विकास के लिए क्या किया, यह सवाल आज भी खड़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद माना था कि माओवादी हिंसा देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती है, लेकिन उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

क्या कांग्रेस सरकार पर लगाए गए गंभीर आरोप?

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने नक्सलवाद की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचाया गया, जिससे वहां असंतोष बढ़ा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की कमजोरी के कारण ही नक्सलवाद ने जड़ें मजबूत कीं।

क्या 2014 के बाद हालात बदले?

उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद कई बड़े फैसले हुए। उन्होंने धारा 370 और 35ए हटाने, राम मंदिर निर्माण, जीएसटी लागू करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन 12 वर्षों में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा मजबूत हुई है।

नक्सलवाद से मुक्त भारत क्या बोले शाह?

अमित शाह ने कहा कि अब नक्सलवाद से मुक्त भारत का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की मजबूत नीतियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने इसे देश के लिए एक बड़ा बदलाव बताया।

हमने नक्सलियों से बात नहीं की, उनको समाप्त कर विकास किया: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि नक्सली वोट से नहीं, बुलेट से सत्ता चाहते हैं। नक्सलियों से लड़ते हुए पांच हजार जवान शहीद हुए। कुछ लोग बातों से नहीं मानते। बच्चों का अपहरण कर उनको नक्सली बनाया गया। किसानों के खेत में बारूद बिछाकर उनको बगैर पैर का बना दिया गया। हमने करीब दो हजार आर्टिकल पढ़े, जिनमें नक्सलियों की वकालत की गई। मैं इनको मानवतावादी नहीं मानता। मानवतावादी होते, तो उन बच्चों की भी बात करते. किसानों की भी बात करते। मानवतावादी दृष्टिकोण एकतरफा नहीं हो सकता। उन्होंने सलवा जुडूम का जिक्र करते हुए कहा कि कोर्ट ने हथियार वापस लेने का आदेश दे दिया।

नक्सलियों के हाथ में हथियार था, नक्सलियों ने सलवा जुडूम से जुड़े लोगों को चुन-चुनकर गोली मार दिया। वही सुदर्शन रेड्डी विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार थे। कांग्रेस जो कहती है न, कि हमारा क्या लेनादेना है। यही लेना-देना है। हम उनको वोट देने वालों की भी निंदा करता हूं। आइडियोलॉजी कभी जनता के भले से ऊपर नहीं हो सकती। कभी अबोध आदिवासियों की सुरक्षा से ऊपर नहीं हो सकती। 2014 के बाद पूरे क्षेत्र में 17 हजार 589 किलोमीटर सड़क बनाने की मंजूरी दी है, इनमें से 12 हजार किलोमीटर सड़कें बन चुकी हैं। 20 हजार करोड़ खर्च हो चुके हैं। छह हजार करोड़ के खर्च से पांच हजार मोबाइल टावर हम लगा चुके हैं। आठ हजार फोरजी टावर लगाने का आदेश पीएम मोदी ने किया है। 1804 बैंक शाखाएं 12 साल में खुली हैं। 1321 एटीएम खुले हैं। 6025 डाकघर खुले।

हमने माओवादियों से चर्चा नहीं की, उनको समाप्त किया और विकास को आगे बढ़ाया। 259 एकलव्य विद्यालय, आईटीआई, कौश विकास केंद्र बनाए और इन सबमें भी लगभग आठ सौ करोड़ का खर्च किया। जगदलपुर में सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल हमने बनवाया। जनजातीय युवा एक्सचेंज के कार्यक्रम भी हमने बनाए. अमित शाह ने आदिवासी बेल्ट में चलाई जा रही योजनाएं भी गिनाईं और उनके आवंटन भी गिनाए. ऐसा नहीं है कि कांग्रेस विकास कराना नहीं चाहती थी. ये विकास कराने जाते थे, नक्सली धमाके करके मार देते थे। हमने धमाके कर के मारने वालों को समाप्त करके विकास कराया है.

Tags:    

Similar News