अभिजीत दीपके को मिला एनडीए में शामिल होने का ऑफर, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बुलाया

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने आरपीआई में शामिल होने का न्योता दिया है। दीपके ने फिलहाल राजनीति में आने से इनकार किया है।;

Update: 2026-08-18 06:27 GMT
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को राजनीति में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास आठवले ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। आठवले ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सपनों को पूरा करने और समाज के साथ-साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए दीपके को आरपीआई (ए) में शामिल होना चाहिए।

हालांकि, अभिजीत दीपके की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दीपके पहले भी कई मौकों पर तत्काल राजनीति में प्रवेश से दूरी बनाए रखने की बात कह चुके हैं।

राजनीति में आने को लेकर क्या बोले दीपके?

अभिजीत दीपके ने तत्काल राजनीति में शामिल होने की संभावना से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर बड़ी संख्या में लोग चाहते हैं कि वह राजनीति में आएं, तो वह भविष्य में इस पर विचार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत में केवल एक नई राजनीतिक पार्टी बनाना ही समस्याओं का समाधान है। जनता की मांग होने पर भविष्य में चुनाव लड़ने की संभावना से भी उन्होंने पूरी तरह इनकार नहीं किया।

फिलहाल राजनीतिक दल नहीं बनेगी सीजेपी

जून-जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान सीजेपी चर्चा में आई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में संगठन ने अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन की घोषणा की थी। उस समय साफ किया गया था कि सीजेपी को फिलहाल औपचारिक राजनीतिक दल में परिवर्तित नहीं किया जाएगा।

सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा था कि लोगों की इच्छा संगठन को राजनीतिक पार्टी बनाने की है, लेकिन फिलहाल संगठन का ध्यान जमीनी स्तर पर काम करने और जनसमस्याओं को उठाने पर रहेगा।

सरकारी स्कूलों की बदहाली के खिलाफ अभियान

अभिजीत दीपके ने हाल ही में महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

दीपके ने सरकारी स्कूलों में पानी, बेंच और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने निजी स्कूलों की फीस सीमित करने की मांग भी की।

उन्होंने बताया कि संगठन स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का डेटा जुटाने के लिए एक सूची तैयार करेगा। इसके बाद महाराष्ट्र के अन्य तालुकों और देश के दूसरे हिस्सों के सरकारी स्कूलों तक अभियान पहुंचाने की योजना है।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी अभियान की तैयारी

सीजेपी की ओर से सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी इसी तरह का अभियान चलाने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि जमीनी स्तर पर आंकड़े जुटाकर सरकारी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

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