इटावा में फर्जी आईआरएस गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में इटावा पुलिस टीम ने फर्जी आईआरएस अधिकारी को गिरफ्तार कर करोड़ो रूपये की संपत्ति रखने का खुलासा किया है

Update: 2020-06-14 02:16 GMT

इटावा। उत्तर प्रदेश में इटावा पुलिस टीम ने फर्जी आईआरएस अधिकारी को गिरफ्तार कर करोड़ो रूपये की संपत्ति रखने का खुलासा किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े गए फर्जी आईआरएस अधिकारी के ठग गिरोह के पास करोड़ो रूपये की संपत्ति का पता लगाया है। वह आईआरएस के साथ-साथ सीबीआई अन्य विभागों का अधिकारी बनकर ठगी किया करता था। उसके पास ग्वालियर और नोएडा में करोड़ों रूपये मूल्य के फ़्लैट होने की जानकारी भी मिली है।

गिरफ्तार फर्जी अधिकारी के पास से करोड़ो रूपये की चल-अचल संपत्ति के साथ साथ, लग्जरी कार, लाखो रुपये के हथियार और नौ करोड़ रुपये की चेक बरामद हुई है।

उन्होंने बताया कि जसवन्तनगर क्षेत्र के जगसौरा गांव निवासी गिरफ्तार फर्जी आईआरएस अधिकारी मनीष कुमार जाटव 2012 बैच का आईआरएस अधिकारी बताता था। उसके नाम पर ग्वालियर में दैनिक भास्कर सिटी सेंटर में भी एक फ्लैट है। मनीष जाटव सिंडिकेट बैंक में 2008 में भर्ती हुआ था वह (मुरादाबाद,ग्वालियर,भोपाल,अहमदाबाद में तैनात रहा लेकिन फर्जी लोन देने के कारण उसका डिमोशन हुआ था और 2017 से अक्टूबर 2018 तक उसने कैनरा और सिंडिकेट बैंक में काम किया उसके बाद वह बिना अनुमति गैर हाजिर हो गया मनीष जाटव के खिलाफ डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी में चार्जशीट लग चुकी है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनीष जाटव ने अपने नाम से एक फर्जी बेबसाइट भी बनवा रखी थी जिसमे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ कि तस्वीर और अन्य कई लोगो के साथ ली हुई तस्वीरे अपलोड की हुई मिली है।

वह पत्रकारो के साथ टीम बनाकर रेड डाला करता था। पहले वह किसी के भी खिलाफ राज्य सरकार के जनशिकायत पोर्टल (आईजीआरएस) पर झूठी शिकायत दर्ज करवाकर फिर खुद को सरकार का अधिकारी बताते हुए शिकायत का विवेचक बनकर लोगो के साथ ठगी किया करता था। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार ठगी गिरोह के लोग करोड़ो रूपये की ठगी कर चुके है जिनसे करोड़ो रूपये की सम्पत्ति बनाई गई है।

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