मुंबई : अभिनेता यश इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘रामायणम्’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह रावण की भूमिका निभा रहे हैं। हैदराबाद में आयोजित फिल्म के प्री-रिलीज समारोह में यश ने प्रशंसकों और सिनेमा प्रेमियों से खास अपील की। उन्होंने कहा कि फिल्म देखते समय छोटी-मोटी कमियां निकालने के बजाय दर्शकों को इसके पीछे की मेहनत, समर्पण और बड़े उद्देश्य को समझना चाहिए। यश के मुताबिक, फिल्म को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश कर रहे लोगों का समर्थन करना जरूरी है। उनकी यह अपील ऐसे समय आई है, जब उनकी पिछली फिल्म ‘टॉक्सिक’ को लेकर भी आलोचनाएं हुई थीं।
नमित मल्होत्रा के विजन ने यश को किया प्रभावित
‘रामायणम्’ के निर्माता नमित मल्होत्रा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो भागों में दर्शकों के सामने लाने की तैयारी कर रहे हैं। फिल्म के बजट को लेकर करीब 4,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा चर्चा में है। यश ने बताया कि उन्होंने रावण की भूमिका स्वीकार करने का फैसला नमित मल्होत्रा के विजन और भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की उनकी सोच से प्रभावित होकर लिया। यश ने कहा कि कई लोग ऐसे होते हैं, जिनमें किसी बड़े काम को पूरा करने के लिए जुनून, समर्पण और कुछ अलग करने का साहस होता है। उन्होंने नमित की सोच का जिक्र करते हुए कहा कि एक भारतीय होने के नाते ऐसे लोगों का साथ देना सभी की जिम्मेदारी है। अभिनेता के मुताबिक, नमित मल्होत्रा विदेश में अपना कारोबार कर रहे थे, लेकिन उनकी इच्छा भारतीय फिल्म उद्योग के लिए कुछ बड़ा करने की थी। यश ने बताया कि नमित का मानना है कि भारतीय प्रतिभाओं ने कई क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन भारतीय सिनेमा को भी दुनिया के बड़े मंच पर उसी स्तर की पहचान मिलनी चाहिए। इसी विचार से प्रभावित होकर यश ने रावण की भूमिका निभाने के साथ फिल्म के निर्माण में भी भागीदारी करने का फैसला किया।
‘छोटी कमियों में उलझने के बजाय बड़े प्रयास को समझें’
समारोह में यश ने दर्शकों से अपील की कि वे फिल्म देखते समय वीएफएक्स या दूसरी तकनीकी चीजों में छोटी-मोटी कमियां खोजने तक सीमित न रहें। उन्होंने कहा कि ऐसी बड़ी फिल्म बनाने के लिए निर्माता अपनी प्रतिष्ठा, समय और पैसा दांव पर लगाते हैं। इसलिए इस तरह की कोशिशों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। यश ने चेतावनी दी कि अगर भारतीय सिनेमा में बड़े स्तर पर प्रयोग करने वाले लोगों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, तो भविष्य में ऐसी परियोजनाओं को साकार होने में कई साल लग सकते हैं। उनके अनुसार, इससे भारतीय फिल्म उद्योग की प्रगति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माता और फिल्मकार सुझावों तथा आलोचनाओं से सीखकर अपने काम को बेहतर बनाते हैं। हालांकि, उनकी अपील का मुख्य उद्देश्य दर्शकों से फिल्म को खुले मन से देखने और उसके समग्र प्रयास को महत्व देने का था।
सभी भारतीय फिल्म उद्योगों से एकजुट होने की अपील
यश ने तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, तमिल और हिंदी फिल्म उद्योगों के दर्शकों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर दर्शकों को फिल्म पसंद आती है, तो उन्हें इसके समर्थन में आगे आना चाहिए। उनके मुताबिक, भारतीय सिनेमा में दुनिया को अपनी ताकत दिखाने की क्षमता है और इसके लिए अलग-अलग भाषाओं के फिल्म उद्योगों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है। ‘रामायणम्’ को भारतीय महाकाव्य पर आधारित बड़े बजट की फिल्म के रूप में पेश किया जा रहा है। इसमें यश रावण और रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।
रणबीर कपूर की जगह रणवीर सिंह बोल गए दिल राजू
कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प घटना भी हुई। फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर दिल राजू ने मंच से संबोधन के दौरान रणबीर कपूर का नाम गलती से रणवीर सिंह ले लिया। वह फिल्म के वितरण की जिम्मेदारियों के बारे में बता रहे थे। उन्होंने कहा कि करण जौहर उत्तर भारत में फिल्म की रिलीज संभालेंगे, जबकि उनकी कंपनी तेलुगु भाषी राज्यों में वितरण का काम देखेगी। दिल राजू ने रणबीर की फिल्मों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी कई फिल्में देखी हैं और रणवीर सिंह बेहतरीन अभिनेता हैं। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी गलती सुधारी और रणबीर कपूर का नाम लिया। उस समय रणबीर भी कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी। बाद में इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कुछ यूजर्स ने रणवीर सिंह की तारीफ करते हुए टिप्पणी की, जबकि अन्य ने कहा कि मंच पर बोलने से पहले नामों की सही जानकारी और तैयारी जरूरी है।