'गेंद देखता हूं, गेंदबाज नहीं', 26 गेंदों में 78 रन फोड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी की दो टूक

लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम को सूर्यवंशी ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट्स लगाए और RCB के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।

Update: 2026-04-11 04:09 GMT
जयपुर। RR vs RCB IPL 2026: आईपीएल के मंच पर एक बार फिर युवा प्रतिभा का विस्फोट देखने को मिला, जब राजस्थान रॉयल्स (RR) के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने अपनी तूफानी पारी से सबको हैरान कर दिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सूर्यवंशी ने महज 26 गेंदों में 78 रन ठोककर टीम को 201 रन का लक्ष्य दो ओवर पहले ही हासिल करा दिया।

RCB का 201 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य

मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए RCB ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 201 रन बनाए थे। यह स्कोर किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन सूर्यवंशी के आक्रामक अंदाज ने इस लक्ष्य को आसान बना दिया।

सूर्यवंशी की आंधी में उड़ा RCB का गेंदबाजी आक्रमण

लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम को सूर्यवंशी ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट्स लगाए और RCB के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उनकी पारी का सबसे रोमांचक पल तब आया, जब उन्होंने अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड के ओवर में लगातार चार गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ दिया। इस आक्रमण ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और RCB दबाव में आ गई। सूर्यवंशी ने अपनी 78 रनों की पारी में 8 चौके और 7 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 300 का रहा, जो इस स्तर के मुकाबले में बेहद असाधारण माना जाता है।

“नाम नहीं, सिर्फ गेंद पर रहता है फोकस”

मैच के बाद सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का राज साझा करते हुए कहा कि वे कभी भी गेंदबाज के नाम से प्रभावित नहीं होते। उन्होंने कहा, “दिमाग में यह जरूर रहता है कि सामने जसप्रीत बुमराह या जोश हेजलवुड जैसे बड़े गेंदबाज हैं, लेकिन जब मैं खेलता हूं तो मेरा पूरा ध्यान सिर्फ गेंद पर होता है।” उनका यह आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच ही उन्हें इतनी कम उम्र में बड़े मंच पर सफल बना रही है।

जमीन से जुड़े रहने का मंत्र

इतनी कम उम्र में बड़ी सफलता मिलने के बावजूद सूर्यवंशी बेहद संतुलित नजर आते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता संजीव और टीम के सपोर्ट स्टाफ सदस्य रोमी भिंडर उन्हें लगातार मार्गदर्शन देते हैं। सूर्यवंशी ने कहा, वे मुझे हमेशा याद दिलाते हैं कि क्रिकेट एक लंबी यात्रा है और मुझे फोकस बनाए रखना है” । यह मार्गदर्शन उन्हें दबाव में भी शांत रहने और अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।

शानदार पारी के बाद भी अधूरा संतोष

दिलचस्प बात यह है कि इतनी शानदार पारी खेलने के बावजूद सूर्यवंशी पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने स्वीकार किया कि 78 रन पर आउट होना उन्हें खला। उनका मानना है कि अगर वे अंत तक क्रीज पर टिके रहते, तो टीम के लिए 20 रन और जोड़ सकते थे, जो भविष्य में किसी करीबी मुकाबले में अहम साबित हो सकते हैं। यह सोच दर्शाती है कि वे सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन नहीं, बल्कि टीम के हित को प्राथमिकता देते हैं।

युवा सितारे का उभार

वैभव सूर्यवंशी की यह पारी न केवल इस मैच की, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की सबसे चर्चित पारियों में से एक बन गई है। 15 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सूर्यवंशी इसी तरह मेहनत और अनुशासन बनाए रखते हैं, तो वे आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट का अहम चेहरा बन सकते हैं।
इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। उनकी निडर बल्लेबाजी, आत्मविश्वास और सीखने की ललक उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। अब क्रिकेट फैंस की नजरें इस युवा खिलाड़ी के अगले प्रदर्शन पर टिकी होंगी, जो हर मैच के साथ नई उम्मीदें जगा रहा है।
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