FIFA World Cup 2026 : स्पेन ने फ्रांस का फाइनल हैट्रिक सपना तोड़ा, 2-0 की शानदार जीत के साथ फाइनल में बनाई जगह

स्पेन का शानदार प्रदर्शन केवल इस मुकाबले तक सीमित नहीं रहा। मार्च 2024 से टीम नियमित समय में लगातार 37 मैचों से अजेय है, जिसमें 28 जीत और नौ ड्रॉ शामिल हैं। यह स्पेन के इतिहास का नया रिकॉर्ड है और 2007 से 2009 के बीच बने 35 मैचों के पिछले रिकॉर्ड से आगे निकल चुका है।;

Update: 2026-07-15 02:53 GMT

टेक्सास (डलास स्टेडियम): फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। मंगलवार को टेक्सास के डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से अंत तक खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस की मजबूत आक्रमण पंक्ति को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ स्पेन विश्व कप 2026 के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई, जबकि फ्रांस का लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल खेलने का सपना टूट गया।

पेनल्टी से मिली शुरुआती बढ़त

मुकाबले की शुरुआत फ्रांस ने तेज आक्रमण के साथ की और किलियन एम्बाप्पे ने अपनी रफ्तार से स्पेनिश डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि पहला बड़ा मौका स्पेन को मिला। 19 वर्षीय स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल बॉक्स के अंदर गेंद तक पहले पहुंचे, जहां फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने उन्हें फाउल कर दिया। रेफरी ने बिना देर किए पेनल्टी दे दी। 22वें मिनट में मिकेल ओयारजाबल ने पेनल्टी को शानदार तरीके से गोल में बदलकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिलाई। फ्रांस के गोलकीपर माइक मेन्यां सही दिशा में डाइव लगाने के बावजूद गेंद को रोक नहीं सके।

पोरो ने दूसरे हाफ में मुकाबला किया तय

पहले हाफ में बढ़त हासिल करने के बाद स्पेन ने दूसरे हाफ में भी अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी। 58वें मिनट में दानी ओल्मो और पेड्रो पोरो के बीच बेहतरीन वन-टू पास देखने को मिला। ओल्मो से शानदार रिटर्न पास मिलने के बाद पोरो ने गेंद को गोलपोस्ट के निचले कोने में पहुंचाकर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल के बाद फ्रांस पर दबाव और बढ़ गया, जबकि स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए मुकाबले की गति अपने पक्ष में रखी।

एम्बाप्पे समेत फ्रांस का हमला रहा बेअसर

दो गोल से पिछड़ने के बाद फ्रांस के कोच डिडियर डेसचैम्प्स ने डेजिरे डुए और रयान चेर्की को मैदान पर उतारकर आक्रमण को मजबूत करने की कोशिश की। किलियन एम्बाप्पे ने कई बार स्पेनिश डिफेंस को भेदने का प्रयास किया, लेकिन गोलकीपर उनाई सिमोन और डिफेंडर मार्क कुकुरेला ने शानदार तालमेल दिखाते हुए हर हमले को विफल कर दिया। स्पेन की अनुशासित रक्षापंक्ति के सामने फ्रांस पूरे मुकाबले में एक भी गोल नहीं कर सका और क्लीन शीट के साथ स्पेन ने फाइनल में प्रवेश किया।

अब खिताबी मुकाबले पर नजर

अंतिम सीटी बजते ही स्पेन के खिलाड़ियों और समर्थकों में जश्न का माहौल छा गया। अब स्पेन का सामना फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को न्यू जर्सी के स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि फ्रांस अब तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगा।

कोच डे ला फुएंते ने खिलाड़ियों की सराहना की 

स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने जीत के बाद खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "हमने लगभग चार साल पहले एक स्पष्ट विचार के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी और उसी पर भरोसा बनाए रखा। यही सोच हमें यहां तक लेकर आई है। खिलाड़ियों ने हर दिन अपनी प्रतिबद्धता, एकजुटता और प्रतिभा का परिचय दिया है। वे मुश्किल चीजों को भी आसान बना देते हैं।"

लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट में फ्रांस पर जीत

स्पेन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में वह फ्रांस पर भारी पड़ रहा है। इससे पहले 2024 यूरोपीय चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भी स्पेन ने फ्रांस को 2-1 से हराया था, जहां लामिन यमाल ने यादगार गोल किया था। इसके बाद यूईएफए नेशंस लीग में भी स्पेन ने फ्रांस को 5-4 से मात दी थी। अब विश्व कप सेमीफाइनल में मिली जीत के साथ स्पेन ने लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट में फ्रांस को बाहर का रास्ता दिखाया।

स्पेन की अजेय लय और कई रिकॉर्ड

स्पेन का शानदार प्रदर्शन केवल इस मुकाबले तक सीमित नहीं रहा। मार्च 2024 से टीम नियमित समय में लगातार 37 मैचों से अजेय है, जिसमें 28 जीत और नौ ड्रॉ शामिल हैं। यह स्पेन के इतिहास का नया रिकॉर्ड है और 2007 से 2009 के बीच बने 35 मैचों के पिछले रिकॉर्ड से आगे निकल चुका है। गोलकीपर उनाई सिमोन ने इस विश्व कप में सात मैचों में छह क्लीन शीट दर्ज की हैं और पूरे टूर्नामेंट में उनके खिलाफ अब तक केवल एक गोल हुआ है। वहीं मिकेल ओयारजाबल ने अपने पिछले 20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 18वां गोल किया, जबकि यह उनके करियर का 30वां अंतरराष्ट्रीय गोल भी रहा। स्पेन की मजबूत रक्षा, संतुलित मिडफील्ड और प्रभावी आक्रमण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टीम इस बार विश्व कप खिताब जीतने की प्रबल दावेदार बनकर उभरी है।

Tags:    

Similar News