तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर को लेकर दिए बयान पर दी प्रतिक्रिया

मुंबई, अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने हाल ही में नाना पाटेकर को लेकर दिए गए एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।;

By :  IANS
Update: 2026-10-09 05:50 GMT

मुंबई, अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने हाल ही में नाना पाटेकर को लेकर दिए गए एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में 'मीटू' आंदोलन के दौर को याद किया। तनुश्री ने कहा कि उस कठिन समय में वे जिन परिस्थितियों से गुजरीं, उसका दर्द कोई नहीं समझ सकता। उनके इस बयान ने नाना पाटेकर से जुड़े पुराने विवाद को एक बार फिर हवा दे दी है।

अभिनेत्री ने नाना पाटेकर को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मेरे लिए तो वे 'इविल डेड' ही हैं। पिछले पांच साल में मैं जिस दौर से गुजरी हूं और जिन परेशानियों का सामना किया है, उसे कोई नहीं समझ सकता।"

अभिनेत्री ने मीटू केस के दौरान हुई परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा, "उस समय जो केस चल रहा था। आपको पता है कि केस वापस लेने के लिए मुझ पर कितना दबाव डाला गया था। मुझे लालच दिया गया और धमकियां मिली, लेकिन फिर भी मैंने केस वापस नहीं लिया। फिर, बाद में परेशान करने के लिए मेरी गाड़ी के साथ हादसे करवाने से लेकर फूड पॉइजनिंग कराने तक की कोशिश की गई। मैं जिन चीजों से गुजरी हूं, मेरे लिए तो वह इविल डेड ही हैं। जो इंसान इस तरह की परिस्थिति से गुजरा ही नहीं उसे क्या पता। हर किसी की परिस्थिति अलग होती हैं। मैंने, तो अपने नजरिए से बातें बोली हैं।"

अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने बताया कि प्राइम विटनेस को तैयार करने में उन्हें 5 साल लगे और बाद में केस बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा, "नाना पाटेकर ने केस को बंद करवाया था। सारे सबूत हमारे पास थे, जिस दिन हमारे मेन विटनेस का सबूत कोर्ट में पेश होने वाला था, उसी दिन जज ने केस ही बंद कर दिया। आप सोचिए, हमें एक प्राइम विटनेस (हेयर ड्रेसर) को मनाने में पांच साल लग गए थे। क्योंकि उसको धमकियां आती थीं। हालांकि, उसने फिर भी हलफनामा कोर्ट में दे दिया था। बाद में कोर्ट आकर बयान दिया है कि मैडम जो भी बोल रही हैं, वह मैंने अपनी आंखों से देखा है। पांच साल लगे उस हेयर ड्रेसर को मनाने में।"

अभिनेत्री ने बताया कि उनकी हेयर ड्रेसर को कोर्ट में न पेश होने के लिए अलग-अलग जगह से धमकियां आती थीं। अभिनेत्री ने कहा, "उसको पीसीओ से धमकियां आती थी, लोग उसके घर पर जाते थे। फिर, हमें उसे आश्वासन देना पड़ा कि आपको कुछ नहीं होगा। हमने कई सोर्स लगाकर उसको कोर्ट ले गए थे, पांच साल बाद हमारी जीत होने वाली थी। उसी दिन कोर्ट ने केस बंद कर दिया।"

अभिनेत्री ने आगे कहा, "यह तो सबको पता है कि जरूरी नहीं है कि जो जीता है, वह सही है और जो नहीं जीता वो गलत है। यहां किसी की जीत नहीं हुई है। बहुत ही चालाकी से हम दोनों का पक्ष रखकर केस को बस बंद कर दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि मैं गलत थी और वह सही थे। जब मुझे परेशानी हुई और मुझ पर जैसा दबाव डाला गया था, मेरे साथ क्या कुछ नहीं हुआ है।"

अभिनेत्री का कहना है कि केस के दौरान वे डिप्रेशन से गुजर रही थीं। उन्होंने कहा, "मैं ऐसी इंसान थी जो बिना डरे बिंदास घूमकर आती थी और मेरी हालत ऐसी हो गई थी कि बाहर जाने के लिए मुझे दस बार सोचना पड़ता था। अजीब चीजें हो रही हैं। हमारी बिल्डिंग के नीचे, मैं बता नहीं सकती कि मेरे साथ क्या हुआ था। नाना पाटेकर बहुत अहंकारी आदमी थे और ईश्वर ने ही उनके प्राण हर लिए हैं। आपको बता नहीं सकती हूं कि मैं किस तरह से परेशान रही थी, मैं डिप्रेशन में चली गई थी।"

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