सुनील शेट़टी ने की ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह, अक्षय खन्‍ना और आदित्य धर की जमकर तारीफ, बोले- काश मैं भी फिल्म का हिस्सा होता

सुनील ने हालिया बातचीत में कहा, “धुरंधर मुझे कमाल की फिल्म लगी। मैं आदित्य धर की फिल्म ‘द इम्मोर्टल अश्वत्थामा’ में एक भूमिका करने वाला था। फिल्म साइन भी कर ली थी, लेकिन वह बंद हो गई। जब मैंने धुरंधर देखी तो मन में आया—यार, काश मैं इसका हिस्सा होता।”

Update: 2026-02-07 05:43 GMT
मुंबई। निर्देशक आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ दिसंबर में सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से लगातार चर्चा में बनी हुई है। थिएटर में मजबूत प्रदर्शन के बाद अब यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर भी स्ट्रीम हो रही है, जहां इसे नए दर्शकों का साथ मिल रहा है। फिल्म की कहानी, प्रस्तुति और कलाकारों के अभिनय को लेकर सोशल मीडिया से लेकर फिल्म समीक्षकों तक में बहस जारी है। जहां एक ओर दर्शकों का बड़ा वर्ग अक्षय खन्ना के किरदार ‘रहमान डकैत’ की तारीफ करते नहीं थक रहा, वहीं अभिनेता सुनील शेट़टी (जिन्होंने अक्षय खन्ना के साथ कई फिल्मों में काम किया है) ने फिल्म को लेकर अलग नजरिया पेश किया है। उन्होंने न सिर्फ फिल्म की सराहना की, बल्कि अपने मुताबिक सर्वश्रेष्ठ कलाकार का नाम भी बताया।

काश मैं इसका हिस्सा होता

सुनील ने हालिया बातचीत में कहा, “धुरंधर मुझे कमाल की फिल्म लगी। मैं आदित्य धर की फिल्म ‘द इम्मोर्टल अश्वत्थामा’ में एक भूमिका करने वाला था। फिल्म साइन भी कर ली थी, लेकिन वह बंद हो गई। जब मैंने धुरंधर देखी तो मन में आया—यार, काश मैं इसका हिस्सा होता।” उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि फिल्म इंडस्ट्री के भीतर भी धुरंधर को लेकर उत्साह है। सुनील ने कहा कि फिल्म को देखने का हर किसी का अपना नजरिया होता है और दर्शकों की पसंद अलग-अलग हो सकती है।

सुनील की पसंद कुछ और

फिल्म में अक्षय खन्ना ने ‘रहमान डकैत’ का किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा है। कई समीक्षकों ने उनके अभिनय को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया है। सोशल मीडिया पर भी उनके प्रदर्शन की व्यापक चर्चा हो रही है। हालांकि, सुनील ने इस पर अलग राय रखी। उन्होंने कहा, “सबको अक्षय खन्ना बहुत अच्छे लगे। मुझे भी अक्षय बहुत अच्छे लगे। लेकिन मुझे आदित्य धर और रणवीर सिंह उससे भी ज्यादा बेहतर लगे।”

उन्होंने रणवीर सिंह के अभिनय की खास तौर पर तारीफ करते हुए कहा कि अक्षय के किरदार के साथ मजबूत बैकग्राउंड स्कोर और प्रभावशाली प्रस्तुति थी, जबकि रणवीर सिंह के पास ऐसा सहारा कम था। इसके बावजूद उन्होंने अपने अभिनय से अलग छाप छोड़ी। सुनील के मुताबिक, “अक्षय के पास बैकग्राउंड स्कोर है। रणवीर के पास कुछ नहीं है, फिर भी वह चमके।” यह बयान रणवीर सिंह के प्रशंसकों के लिए बड़ी सराहना माना जा रहा है, क्योंकि फिल्म में उनका किरदार जसकीरत से हमजा बनने की जटिल यात्रा को दर्शाता है।

आदित्य धर की निर्देशन क्षमता की तारीफ

सुनील ने निर्देशक आदित्य धर की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आदित्य को दर्शकों की नब्ज पहचानने की खास क्षमता है। उन्होंने कहा, “लोग कह रहे थे कि फिल्म तीन घंटे से बड़ी है, दर्शक कैसे देखेंगे। लेकिन आदित्य को पता है कि कोरोना काल के बाद लोगों में बिंज वॉचिंग की आदत पड़ चुकी है। अब दर्शक लंबे कंटेंट को देखने के लिए तैयार हैं, अगर वह रोचक हो।” उनके अनुसार, आदित्य धर ने बड़े पर्दे पर वही अनुभव देने की कोशिश की, जो दर्शक वेब सीरीज में तलाशते हैं—गहराई, विस्तार और भावनात्मक जुड़ाव। सुनील का मानना है कि धुरंधर ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने कहा, “आदित्य ने कहा कि आप वेब सीरीज देखिए, लेकिन बड़े पर्दे पर मैं आपको उससे बेहतर अनुभव दूंगा और धुरंधर ने वही किया।”

रणवीर सिंह के अभिनय पर नई बहस

फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार एक भावनात्मक और आंतरिक संघर्ष से गुजरता है। जसकीरत से हमजा बनने की यात्रा में उनके चेहरे के भाव, संवाद अदायगी और शारीरिक भाषा को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिली हैं। जहां कुछ दर्शकों ने उनके अभिनय को सीमित बताया, वहीं कई समीक्षकों ने इसे संयमित और प्रभावशाली करार दिया। सुनील का बयान इस बहस को नया आयाम देता है, क्योंकि उन्होंने रणवीर को फिल्म का सबसे प्रभावशाली कलाकार बताया है। फिल्म समीक्षकों का कहना है कि रणवीर ने इस बार अपने चिर-परिचित ऊर्जा भरे अंदाज से हटकर अपेक्षाकृत नियंत्रित और गंभीर अभिनय किया है, जो उनके करियर में एक अलग प्रयोग माना जा रहा है।

अक्षय खन्ना और सुनील की पुरानी जोड़ी

गौरतलब है कि सुनील और अक्षय खन्ना ने इससे पहले ‘बॉर्डर’, ‘हलचल’, ‘शादी से पहले’ और ‘एलओसी: कारगिल’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। दोनों के बीच लंबे समय से पेशेवर संबंध रहे हैं। ऐसे में सुनील का अक्षय की तारीफ के साथ-साथ रणवीर और आदित्य को प्राथमिकता देना फिल्मी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। यह इस बात का संकेत भी है कि फिल्म को अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।

नेटफ्लिक्स पर नई पारी

सिनेमाघरों में सफलता के बाद धुरंधर के नेटफ्लिक्स पर आने से इसे नया दर्शक वर्ग मिला है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लंबी फिल्मों और विस्तृत कथानक को अधिक स्वीकृति मिलती है। फिल्म की लंबाई को लेकर जो सवाल थिएटर रिलीज के समय उठे थे, वे अब ओटीटी पर कम नजर आ रहे हैं। कई दर्शकों का मानना है कि फिल्म की विस्तृत कहानी और चरित्रों की परतें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेहतर ढंग से अनुभव की जा सकती हैं।

‘धुरंधर: द रिवेंज’ की तैयारी

फिल्म के पहले भाग की सफलता के बाद अब दर्शकों की नजर इसके अगले भाग पर है। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। निर्माताओं का दावा है कि दूसरा भाग पहले से अधिक तीव्र, भावनात्मक और एक्शन से भरपूर होगा। फिल्म की कहानी वहीं से आगे बढ़ेगी जहां पहला भाग समाप्त हुआ था। फैंस को उम्मीद है कि रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के किरदारों की टकराहट अगले भाग में और भी गहराई से दिखाई देगी।

हर पहलू पर चर्चा

धुरंधर ने रिलीज के बाद से ही दर्शकों और फिल्म जगत में बहस छेड़ दी है। अक्षय खन्ना के दमदार अभिनय से लेकर रणवीर सिंह की संयमित प्रस्तुति और आदित्य धर के निर्देशन तक—हर पहलू पर चर्चा जारी है। सुनील के बयान ने इस चर्चा को और दिलचस्प बना दिया है। उन्होंने जहां अक्षय की तारीफ की, वहीं रणवीर और आदित्य को ज्यादा प्रभावशाली बताया। अब देखना होगा कि धुरंधर: द रिवेंज दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और क्या यह पहली फिल्म की सफलता को आगे बढ़ा पाएगा। फिलहाल, धुरंधर अपनी कहानी, कलाकारों और निर्देशन के कारण चर्चा के केंद्र में बनी हुई है।

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