इरफान खान की पत्नी सुतापा का बयान: जेन जी को बदलनी होगी गाली देने की आदत

मुंबई, दिवंगत अभिनेता इरफान खान की पत्नी सुतापा सिकदर अपनी बेबाक राय और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलने के लिए जानी जाती हैं। अब उन्होंने नई पीढ़ी यानी जेन जी को लेकर एक खास पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने उनकी सोच और बेबाक अंदाज की तारीफ की, लेकिन साथ ही भाषा के इस्तेमाल को लेकर एक जरूरी सलाह भी दी।;

By :  IANS
Update: 2026-08-02 10:11 GMT

मुंबई, दिवंगत अभिनेता इरफान खान की पत्नी सुतापा सिकदर अपनी बेबाक राय और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलने के लिए जानी जाती हैं। अब उन्होंने नई पीढ़ी यानी जेन जी को लेकर एक खास पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने उनकी सोच और बेबाक अंदाज की तारीफ की, लेकिन साथ ही भाषा के इस्तेमाल को लेकर एक जरूरी सलाह भी दी।

सुतापा सिकदर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने जेन जी को दोस्ताना अंदाज में सलाह दी। उन्होंने कहा कि वह विरोध प्रदर्शनों और नई पीढ़ी के उस साहस का समर्थन करती हैं, जिसके जरिए वे गलत चीजों के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हैं। हालांकि, उन्होंने आगे यह भी कहा कि गाली देने की आदत अब भी पुरानी पीढ़ियों की तरह ही बनी हुई है।

अपने पोस्ट में सुतापा ने लिखा, ''यह दोनों जेंडर के लिए है। मैं विरोध का समर्थन करती हूं और इस निडर पीढ़ी से प्यार करती हूं। लेकिन एक चीज जो पुरानी पीढ़ियों से लेकर अब तक नहीं बदली है, वह है गालियां देने का तरीका।''

सुतापा ने आगे कहा, ''हिंदी भाषा में आज भी महिलाओं के निजी अंगों को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। मैं इस बात पर निराश हूं कि नई पीढ़ी भी इस पुरानी सोच को बदल नहीं पाई है। अगर युवा पीढ़ी बदलाव की बात करती है तो उसे अपनी भाषा और सोच में भी बदलाव लाने की कोशिश करनी चाहिए। मुझे लगता है कि यह पीढ़ी ज्यादा कल्पनाशील होगी और पितृसत्तात्मक सोच से आगे बढ़ेगी।''

सुतापा ने जेन जी को सलाह देते हुए कहा, ''बदलाव की शुरुआत हर स्तर पर होनी चाहिए। अगर युवा किसी गलत परंपरा या सोच को खत्म करना चाहते हैं तो उन्हें हर ऐसी आदत पर सवाल उठाना चाहिए, जो समाज में समस्या पैदा करती है। केवल कुछ मुद्दों को चुनकर बदलाव की बात करना काफी नहीं है।''

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ''जब आप आजादी और बदलाव की बात करते हैं तो हर गलत सोच और आदत को खत्म करने की कोशिश करें। दुख इस बात का है कि यही आदतें अब अगली पीढ़ी तक भी पहुंच रही हैं।''

सुतापा ने पोस्ट के आखिर में जेन जी से कहा, ''किसी को भी गाली देने के लिए महिलाओं को निशाना बनाना सही नहीं है। भाषा के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। पुरानी गालियों को छोड़कर कुछ नया सोचिए।''

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