RRR से 5 गुना बड़ी होगी एसएस राजामौली की ‘वाराणसी’, 40 दिन पहले पूरी हुई शूटिंग

फिल्म की कहानी में ‘शंभवी’ नाम का एक विशाल क्षुद्रग्रह वाराणसी शहर के लिए गंभीर खतरा बन जाता है। इस संकट से निपटने के लिए रुद्र नाम के एक साहसी पुरातत्वविद् और खोजकर्ता को जोखिम भरे मिशन पर भेजा जाता है। इस अभियान में उसके साथ मंदाकिनी भी शामिल होती है, जो एक निडर इतिहासकार और कुशल निशानेबाज है।;

Update: 2026-10-27 11:05 GMT

मुंबई: ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के निर्देशक एसएस राजामौली अपनी अगली फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर चर्चा में हैं। राजामौली के मुताबिक, यह फिल्म कहानी और निर्माण के लिहाज से उनकी पिछली फिल्म ‘आरआरआर’ से पांच से छह गुना बड़ा प्रोजेक्ट है। खास बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर फिल्म बनाए जाने के बावजूद इसकी शूटिंग पिछली फिल्म की तुलना में 40 दिन कम समय में पूरी कर ली गई। निर्देशक ने इसका श्रेय बेहतर योजना, विस्तृत तैयारी और शूटिंग से पहले किए गए काम को दिया है। राजामौली ने ब्राजील में आयोजित 50वें साओ पाउलो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के दौरान बातचीत में फिल्म के निर्माण से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किसी फिल्म का आकार बड़ा होने का मतलब यह नहीं है कि उसे पूरा करने में अनिवार्य रूप से अधिक समय लगेगा। अगर कहानी, दृश्यों और शूटिंग की योजना पहले से तैयार हो, तो बड़े प्रोजेक्ट को भी तय समय में पूरा किया जा सकता है।

‘आरआरआर’ से बड़ी फिल्म, लेकिन शूटिंग में बचाए 40 दिन

एसएस राजामौली ने बताया कि उनकी फिल्म ‘आरआरआर’ की शूटिंग पूरी करने में 315 दिन लगे थे। इसके मुकाबले ‘वाराणसी’ की शूटिंग 275 दिनों में पूरी कर ली गई। इस तरह फिल्म की शूटिंग में 40 दिन की बचत हुई। निर्देशक के अनुसार, ‘वाराणसी’ को तैयार करने के लिए उन्होंने पहले से कहीं अधिक योजना बनाई थी। उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही कागज पर कहानी, दृश्यों और निर्माण से जुड़ी तैयारियों पर काफी काम किया। इसी तैयारी का फायदा शूटिंग के दौरान मिला। राजामौली का मानना है कि बड़े बजट और विशाल स्तर की फिल्म बनाने के लिए सिर्फ संसाधन पर्याप्त नहीं होते, बल्कि सही रणनीति और समय प्रबंधन भी जरूरी है। फिल्म के निर्माण में पहले से की गई तैयारी ने काम को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुराणों, इतिहास और नायकों की कहानियों से प्रेरणा

राजामौली ने बातचीत के दौरान भारतीय पुराणों, इतिहास और नायकों की कहानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही भारतीय समाज में ऐसी कहानियां सुनाई जाती रही हैं, जिनमें साहस, संघर्ष और असाधारण घटनाओं का वर्णन मिलता है। ‘वाराणसी’ के निर्माण में भी व्यापक कल्पना और बड़े स्तर पर कहानी कहने की कोशिश की गई है। फिल्म को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, इसकी कहानी एक वैश्विक संकट के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें रोमांच, इतिहास और साहसिक मिशन जैसे तत्व शामिल हैं।

क्या है ‘वाराणसी’ की कहानी?

फिल्म की कहानी में ‘शंभवी’ नाम का एक विशाल क्षुद्रग्रह वाराणसी शहर के लिए गंभीर खतरा बन जाता है। इस संकट से निपटने के लिए रुद्र नाम के एक साहसी पुरातत्वविद् और खोजकर्ता को जोखिम भरे मिशन पर भेजा जाता है। इस अभियान में उसके साथ मंदाकिनी भी शामिल होती है, जो एक निडर इतिहासकार और कुशल निशानेबाज है। दोनों का मिशन कहानी को रोमांचक मोड़ देता है। हालांकि, फिल्म की कहानी और इसके प्रमुख घटनाक्रमों से जुड़ी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिल्म की विषयवस्तु से संकेत मिलता है कि इसमें प्राचीन इतिहास, रहस्य और आधुनिक समय के बड़े खतरे को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है। राजामौली की पिछली फिल्मों की तरह ‘वाराणसी’ से भी बड़े पर्दे पर भव्य दृश्य और व्यापक स्तर का सिनेमाई अनुभव मिलने की उम्मीद है।

प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम भूमिकाओं में

‘वाराणसी’ की स्टारकास्ट भी दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा रही है। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा फिल्म में मंदाकिनी की भूमिका निभा रही हैं। वहीं, पृथ्वीराज सुकुमारन प्रमुख खलनायक के किरदार में दिखाई देंगे। महेश बाबू फिल्म में रुद्र की भूमिका निभा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, अभिनेता अपने हिस्से की शूटिंग पूरी कर चुके हैं। हालांकि, फिल्म के अलग-अलग हिस्सों और कलाकारों से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि के लिए निर्माताओं की घोषणाओं पर नजर रखना जरूरी है। राजामौली की फिल्मों का पैमाना, मजबूत कहानी और भव्य प्रस्तुति पहले भी दर्शकों का ध्यान खींच चुकी है। ऐसे में ‘वाराणसी’ को लेकर भी फिल्म प्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

अगले साल 7 अप्रैल को रिलीज होगी फिल्म

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ‘वाराणसी’ अगले साल 7 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की शूटिंग निर्धारित समय से पहले पूरी किए जाने की जानकारी ने इसके निर्माण को लेकर दिलचस्पी और बढ़ा दी है। अब दर्शकों को फिल्म के टीजर, ट्रेलर और अन्य प्रचार सामग्री का इंतजार है। राजामौली के लिए यह प्रोजेक्ट एक बार फिर बड़े पैमाने पर भारतीय कहानी को वैश्विक दर्शकों के सामने पेश करने का अवसर माना जा रहा है।

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