शेफ दामू को याद कर भावुक हुईं राम्या पांडियन
चेन्नई, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर और मशहूर शेफ दामोदरन कोथंदरमन के निधन से एक्ट्रेस राम्या पांडियन बेहद दुखी हैं।;
चेन्नई, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर और मशहूर शेफ दामोदरन कोथंदरमन के निधन से एक्ट्रेस राम्या पांडियन बेहद दुखी हैं। कोथंदरमन को शेफ दामू के नाम से जाना जाता था। उन्होंने रविवार को शेफ को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट शेयर किया। राम्या ने कहा कि शेफ दामू का खाना बनाने की कला की दुनिया में योगदान बेहद खास रहा है और उनकी विरासत हमेशा जिंदा रहेगी।
शेफ दामू ने साल 2010 में अकेले सबसे लंबे समय तक लगातार खाना पकाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उनके निधन की खबर से दुखी राम्या ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'दामू सर, मैं यह बात स्वीकार नहीं कर पा रही हूं कि अब आप हमारे बीच नहीं रहे।'
राम्या ने टीवी शो 'कुकू विद कोमाली' में शेफ दामू के साथ काम करने के दिनों को भी याद किया। इस शो में शेफ दामू जज थे, जबकि राम्या एक कंटेस्टेंट के तौर पर शामिल हुई थीं। एक्ट्रेस ने लिखा, ''आप उन सबसे प्यारे लोगों में से एक थे, जिन्हें मैं जानती हूं। आप बहुत शांत स्वभाव के थे और हमेशा मुझे बहुत प्यार देते थे। शो में जज करते समय भी आप इस बात का ध्यान रखते थे कि आपकी बातों से किसी का दिल न दुखे।''
राम्या ने शेफ दामू के साथ जुड़ी कई खास यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि वह आज भी इस बात को नहीं भूल सकतीं कि शेफ दामू ने उनकी फिल्म 'अरुलवन' को उनसे पहले सिनेमाघर में देखा था। एक्ट्रेस ने शो के हर एपिसोड से पहले उनके साथ होने वाली बातचीत को भी याद किया।
राम्या ने आगे लिखा, ''जब मैं आपको अपनी शादी का न्योता देने आपके घर आई थी, तब आपने जिस तरह मेरा स्वागत किया था, वह मुझे हमेशा याद रहेगा। मेरी शादी के रिसेप्शन में पहुंचने वाले शुरुआती लोगों में भी आप शामिल थे। ये छोटी-छोटी यादें मेरे लिए बेहद कीमती हैं।''
एक्ट्रेस ने कहा , ''जब भी मेरी आपसे मुलाकात होती थी, आप हमेशा मुझे पूरे दिल से प्यार और आशीर्वाद देते थे। आपके जाने के बाद अब मैं उन प्यार भरे शब्दों और आशीर्वाद को बहुत याद करूंगी। मुझे नहीं पता कि मैं इस बात को कैसे स्वीकार करूं कि अब आपकी प्यार भरी बातें सुनने और आपसे आशीर्वाद लेने का मौका नहीं मिलेगा।''
अपनी पोस्ट के आखिर में राम्या ने शेफ दामू के पाक कला की दुनिया में योगदान को याद किया। उन्होंने लिखा, ''पाक कला की दुनिया में आपका योगदान बेहद खास है और आपकी विरासत हमेशा जिंदा रहेगी। शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता कि आपकी कितनी याद आएगी। सर, आपकी आत्मा को शांति मिले।''