नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बाढ़ में फंसी थीं मानसी पारेख, मुश्किलों से निकलकर सुरक्षित पहुंचीं मुंबई
अभिनेत्री मानसी पारेख ने अपनी कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करके मुंबई वापस लौट आईं हैं। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए अपने वापसी का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि चीन से नेपाल बॉर्डर तक पहुंचना जंग जीतने जैसा था।;
मुंबई। अभिनेत्री मानसी पारेख ने अपनी कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करके मुंबई वापस लौट आईं हैं। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए अपने वापसी का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि चीन से नेपाल बॉर्डर तक पहुंचना जंग जीतने जैसा था।
अभिनेत्री मानसी पारेख ने अपनें इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कुछ नोट शेयर किए। इसमें उन्होंने बताया कि चीन के न्यालम शहर में बड़े लैंडस्लाइड की वजह से उनके ग्रुप को बस के अंदर ही करीब चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा, उसके बाद उन्होंने करीब 40 मील का सफर बस से तय किया।
मानसी ने यह भी कहा कि सफर कितना भी मुश्किल क्यों न रहा हो, लेकिन मुंबई अपने परिवार और बेटी के पास वापस लौटने के सामने ये सारी परेशानियां कुछ भी नहीं थीं। उन्होंने लिखा, "आप सभी के ढेरों प्यार, मैसेज, कॉल और दुआओं के लिए शुक्रिया। पिछले 3-4 दिन बहुत मुश्किल भरे रहे और चीन से निकलकर नेपाल बॉर्डर तक पहुंचना किसी जंग जीतने जैसा था। चीन के न्यालम शहर में बहुत बड़ा लैंडस्लाइड हुआ था, जिसकी वजह से हमें बस में ही 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा था, तब जाकर हम सड़क के रास्ते चीन से बाहर निकलने का सफर शुरू कर पाए थे।
उन्होंने आगे लिखा, "करीब 40 मील के लंबे बस के सफर के बाद हम नेपाल बॉर्डर पहुंचे, जहां एक और लैंडस्लाइड हुआ था। दूसरी तरफ खड़ी बसों तक पहुंचने के लिए हमें पैदल ही उस लैंडस्लाइड वाले रास्ते से गुजरना पड़ा, क्योंकि और कोई रास्ता नहीं था।"
अभिनेत्री मानसी पारेख ने अपना अपडेट शेयर करते हुए लिखा, "फिर हमारी जिंदगी का सबसे उबड़-खाबड़ बस का सफर शुरू हुआ, जब हम काठमांडू के लिए निकले जो 4 घंटे दूर था, लेकिन ये सब परेशानी सार्थक थी क्योंकि इसका मतलब था मुंबई वापस आना, अपने परिवार और बेटी के पास आने और उन्हें गले लगाना।"
दरअसल, मानसी पारेख की वापसी उस घटना के कुछ ही दिन बाद हुई है, जब उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया था कि बाढ़ आने से सिर्फ पांच दिन पहले ही वह तिब्बत में उसी जगह पर थीं। एक्ट्रेस कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक ग्रुप के साथ गई थीं, तभी इस इलाके में ये आपदा आई।